e ticket irctc
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अहमदाबाद में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने फर्जी रेलवे टिकट बनाकर यात्रियों से ठगी करने वाले एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है. आरोपी खुद को IRCTC का एजेंट बताकर लोगों को फर्जी ई-टिकट देता था. जांच में सामने आया है कि उसने पिछले तीन साल में सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद समेत कई शहरों में 500 से ज्यादा नकली टिकट बेचकर लाखों रुपए ठग लिए.
स्टेशन पर संदिग्ध हालत में पकड़ा गया
CPDS टीम को रेलवे स्टेशन पर एक संदिग्ध व्यक्ति घूमता हुआ मिला. पूछताछ में उसकी पहचान उपेंद्र द्विवेदी के रूप में हुई. जांच में पता चला कि वह पहले भी अहमदाबाद रेलवे आरक्षण केंद्र के आसपास जरूरतमंद यात्रियों को खुद को IRCTC एजेंट बताकर टिकट दिलाने का झांसा देता था. आरोपी मोबाइल में Google Doc और PDF Element जैसे ऐप की मदद से फर्जी ई-टिकट बनाकर लोगों को भेज देता था.
व्हाट्सएप पर भेजा था फर्जी ई-टिकट
आरपीएफ के मुताबिक पूछताछ और मोबाइल जांच में सामने आया कि 7 मार्च को आरोपी ने विजय नाम के व्यक्ति को व्हाट्सएप के जरिए ई-टिकट का पीडीएफ भेजा था.
विजय ने बताया कि उसने अहमदाबाद स्टेशन के PRS काउंटर के पास उपेंद्र को 2000 रुपए देकर अपने परिवार के लिए टिकट बनवाई थी. टिकट का विवरण PNR 8425364509, ट्रेन नंबर 19483, अहमदाबाद से बांदा, स्लीपर क्लास और यात्रा तिथि 25 अप्रैल 2026 बताया गया था. जब रेलवे सिस्टम में पीएनआर की जांच की गई तो टिकट पूरी तरह फर्जी निकली.
कई शहरों में फैला था ठगी का जाल
आगे की पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने सूरत, वडोदरा, उदना, भरूच और अंकलेश्वर सहित कई स्टेशनों पर इसी तरह फर्जी टिकट देकर यात्रियों से पैसे ऐंठे हैं. मोबाइल की जांच में 20 से 25 और फर्जी ई-टिकट के पीडीएफ भी मिले हैं.
जीआरपी ने दर्ज किया केस
पीड़ित की शिकायत के बाद आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी अहमदाबाद को सौंप दिया गया. जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
-ब्रिजेश दोषी