Cultivation of Purple Potatoes
Cultivation of Purple Potatoes
पंजाब के फरीदकोट जिले के छोटे से गांव मत्ता के 27 वर्षीय किसान गुरजोत सिंह आज अपनी अनोखी खेती की वजह से चर्चा में हैं. लॉ ग्रेजुएट गुरजोत ने पारंपरिक खेती से अलग हटकर बैंगनी रंग के आलू यानी पर्पल पोटैटो की खेती शुरू की और अब वह इससे आम किसानों की तुलना में कई गुना अधिक मुनाफा कमा रहे हैं. उनकी सफलता की कहानी अब दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है.
प्रीमियम स्टोर में देखकर आया खेती का विचार
गुरजोत सिंह का परिवार पिछले करीब 25 वर्षों से आलू की खेती करता आ रहा है. लेकिन लगभग चार साल पहले गुरजोत ने दिल्ली और चंडीगढ़ के कुछ प्रीमियम रिटेल स्टोर्स में बैंगनी रंग का आलू देखा. वहां यह आलू 250 से 400 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा था. यहीं से उनके मन में इस खास किस्म के आलू की खेती करने का विचार आया. जब उन्होंने इसके बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि भारत में इसका बीज आसानी से उपलब्ध नहीं है. इसके बाद गुरजोत ने वर्ष 2022 में बोलीविया से करीब 20 किलो बीज मंगवाया और अपने खेत में इसका परीक्षण किया.
पंजाब की मिट्टी में भी सफल रही फसल
गुरजोत का यह प्रयोग सफल रहा. उन्हें पता चला कि यह फसल पंजाब की मिट्टी और जलवायु के अनुकूल है. इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे इसका रकबा बढ़ाना शुरू किया. आज गुरजोत सिंह करीब 45 एकड़ जमीन पर बैंगनी आलू की खेती कर रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने कुछ अन्य विदेशी किस्मों जैसे पिंटो गोल्ड, एस्मी, इस्मायल और मरियम आलू की खेती भी शुरू की है. उनके खेतों में उगाया गया पर्पल पोटैटो अब पंजाब के अलावा दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों तक पहुंच रहा है.
आम आलू से कई गुना ज्यादा मुनाफा
गुरजोत बताते हैं कि आम आलू और बैंगनी आलू की खेती की लागत लगभग समान होती है. लेकिन इस आलू का उत्पादन और बाजार मूल्य दोनों ज्यादा हैं. उनके अनुसार एक एकड़ में करीब 200 क्विंटल तक उत्पादन हो जाता है. बाजार में इसकी कीमत आम आलू से कई गुना ज्यादा मिलती है. जहां सामान्य आलू 6 से 7 रुपये प्रति किलो बिकता है, वहीं बैंगनी आलू 30 रुपये प्रति किलो तक बिक जाता है. इसी वजह से वह प्रति एकड़ लगभग 6 से 20 लाख रुपये तक की कमाई कर लेते हैं.
‘मेडिसिन पोटैटो’ के नाम से भी जाना जाता है
बैंगनी आलू को ‘मेडिसिन पोटैटो’ भी कहा जाता है. इसमें एंथोसायनिन नामक तत्व पाया जाता है, जो इसे बैंगनी रंग देता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा काफी अधिक होती है. विशेषज्ञों के अनुसार यह आलू शरीर के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें शुगर और कैलोरी कम होती है, जिससे यह ब्लड शुगर के मरीजों के लिए भी बेहतर माना जाता है. साथ ही यह नर्वस सिस्टम के लिए भी लाभदायक बताया जाता है.
विशेषज्ञों ने भी बताया फायदेमंद
हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट अधिकारी डॉ. गुरप्रीत सिंह का कहना है कि यह आलू स्वास्थ्य के लिहाज से काफी लाभदायक है. हालांकि यह पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की स्वीकृत किस्म नहीं है, लेकिन इसकी बाजार में अच्छी मांग है. उनके अनुसार अगर किसान इस तरह की वैकल्पिक फसलों की खेती करें तो उन्हें बेहतर मुनाफा मिल सकता है और वे पारंपरिक फसल चक्र से भी बाहर निकल सकते हैं.
रिपोर्टर: प्रेम कुमार
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