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Uttarakhand Governor Dhal Singh Bisen: पोते के साथ खेल रहे थे पूर्व सांसद, तभी आया फोन और बन गए राज्यपाल, जानें इनकी पूरी कहानी

मध्य प्रदेश के पूर्व सांसद और भाजपा नेता डॉ. ढालसिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. पोते के साथ खेल रहे डॉ. बिसेन को जब इस संवैधानिक जिम्मेदारी की खबर मिली, तो वह और उनका परिवार हैरान रह गए. 1990 से राजनीति में सक्रिय बिसेन कई विभागों में मंत्री भी रहे हैं.

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Uttarakhand Governor Dhal Singh Bisen Uttarakhand Governor Dhal Singh Bisen

मध्य प्रदेश बीजेपी के नेता और पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. उन्हें इस नियुक्ति की जानकारी उस वक्त मिली, जब वह रात में डिनर करने के बाद अपने पोते के साथ खेल रहे थे. सोमवार रात भोपाल से उनके एक मित्र का फोन आया. मित्र ने उन्हें बधाई देते हुए बताया कि न्यूज चैनलों पर उनके राज्यपाल बनने की खबर चल रही है. इसके बाद उनके फोन पर लगातार बधाई के कॉल आने लगे और घर पर शुभकामनाएं देने वालों का तांता लग गया.

राज्यपाल बनाए जाने की खबर सुनकर रह गए हैरान
डॉ. ढालसिंह बिसेन ने फोन पर बताया कि राज्यपाल बनाए जाने की खबर सुनकर वह खुद हतप्रभ रह गए. उनके मुताबिक, यह जिम्मेदारी उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा बड़ी है. उन्होंने इतना बड़ा दायित्व मिलने की कल्पना भी नहीं की थी. परिवार के लोगों को भी इस खबर पर भरोसा नहीं हुआ और उन्हें यह सब सपने जैसा लगा. डॉ. बिसेन ने कहा कि बीजेपी चौंकाती है और प्रधानमंत्री जी भी चौंकाते हैं. पार्टी ने उन्हें अब तक जो भी जिम्मेदारी दी, उसे उन्होंने पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया है. उन्होंने कहा कि राज्यपाल का पद एक संवैधानिक पद है. इस पद की जिम्मेदारी के अनुरूप वह उत्तराखंड में जनता की सेवा करेंगे और सरकार का सहयोग करेंगे.

1990 में शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
डॉ. ढालसिंह बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया में हुआ था. वह आयुर्वेदिक डॉक्टर होने के साथ-साथ किसान भी हैं. उनका राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है. उन्होंने वर्ष 1990 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बनने का सफर शुरू किया. इसके बाद वह 1993, 1998 और 2003 में लगातार बरघाट विधानसभा सीट से चुनाव जीतते रहे. बाद में परिसीमन के दौरान बरघाट विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हो गई. इसके बाद डॉ. बिसेन ने 2008 और 2013 में सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली.

उमा भारती सरकार में संभाले कई विभाग
वर्ष 2003 में डॉ. ढालसिंह बिसेन को मध्य प्रदेश की तत्कालीन उमा भारती सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था. इस दौरान उन्होंने वन, परिवहन, स्कूल शिक्षा, खनिज और जेल जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद 2011 से 2013 तक वह मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे.

2019 में बने सांसद, 2024 में नहीं मिला टिकट
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने डॉ. बिसेन को बालाघाट सीट से उम्मीदवार बनाया था. चुनाव जीतकर वह सांसद बने और दिल्ली पहुंचे. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया. अब उन्हें उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. डॉ. ढालसिंह बिसेन पवार समाज से आते हैं. ओबीसी वर्ग में शामिल पवार समाज की अच्छी संख्या बालाघाट के साथ-साथ सिवनी जिले में भी है. विधायक, कैबिनेट मंत्री, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष और सांसद जैसे पदों पर जिम्मेदारी निभाने के बाद अब वह उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में नई भूमिका संभालेंगे.
 

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