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Ration Shop Fraud: गरीबों के पेट का सरकारी राशन पहुंच रहा, निजी राशन दुकानों पर.. चार करोड़ के घोटाले से उठा पर्दा

अंबिकापुर में जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति द्वारा सरकारी राशन दुकान का संचालन किया जा रहा था, लेकिन लंबे समय से शिकायत के बाद जांच की गई. जांच में खुलासा हुआ कि 1631 क्विंटल चावल और 48 क्विंटल चना का घोटाला किया गया है.

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में बड़ा राशन घोटाला सामने आया है, यहां गरीबों के हक का करीब 65 लाख का चावल, शक्कर और चना का घोटाला किया गया है. इसका खुलासा तब हुआ जब शिकायत के बाद कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच कराई. जांच के बाद खाद्य विभाग के इंस्पेक्टर के रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने राशन विक्रेताओं के खिलाफ धोखाधड़ी और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया है. वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने शहर अंबिकापुर के 62 राशन दुकानों की मार्च में भौतिक सत्यापन कराया था. जिसमें खुलासा हुआ कि 62 राशन दुकानों से 4 करोड़ का चावल और चना गायब है.

सरकारी राशन दुकान और राशन माफिया की मिलीभगत
अंबिकापुर में जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति द्वारा सरकारी राशन दुकान का संचालन किया जा रहा था, लेकिन लंबे समय से शिकायत के बाद जांच की गई. संचालित राशन दुकानों में चावल चना और शक्कर की बड़े पैमाने पर अफरा तफरी की जा रही है. लिखित शिकायत के बाद कलेक्टर विलास भोस्कर ने विभाग के इंस्पेक्टर के माध्यम से राशन दुकानों की भौतिक रूप से जांच कराई. जांच में फूड इंस्पेक्टर को पता चला कि राशन दुकानों में जितना राशन का स्टॉक होना चाहिए उतना नहीं है, मतलब साफ था कि सरकारी राशन निजी दुकानों और राशन माफिया को बेच दिया गया है.

गरीबों के पेट का राशन माफिया के पास
जांच में खुलासा हुआ कि 1631 क्विंटल चावल और 48 क्विंटल चना का घोटाला किया गया है. यहां तक कि शक्कर का भी घोटाला का मामला सामने आया. इसके बाद फूड इंस्पेक्टर शिव कुमार मिश्रा ने राशन दुकान संचालन एजेंसी जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष पवन सिंह निवासी घुटरापारा, उपाध्यक्ष सुनिता पैकरा, सहायक विक्रेता फरहान सिद्धीकी और प्रिंस जायसवाल, सहायक विक्रेता सैफ अली, मुकेश यादव के खिलाफ अपराध दर्ज कराया गया है.

शिकायत के बाद 6 पर FIR दर्ज
अपराध दर्ज होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन टीम का गठन किया है. यह भी बात सामने आया है कि जब अपराध दर्ज किया गया. तब ऐसे धाराओं के तहत अपराध दर्ज हुआ ताकि उन्हें थाना से ही जमानत दिया जा सके लेकिन कलेक्टर से राशन घोटाला की शिकायत करने वाले शिकायत करता ने पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और फिर धारा 409 भी जोड़ा गया है.
-सुमित सिंह की रिपोर्ट