Students Protest
Students Protest
NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया. इस प्रदर्शन को Gen Z का प्रदर्शन बताया गया. इसके बाद झारखंड के रारंची में जयपाल मुंडा स्टेडियम में छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर प्रदर्शन किया. 24 दिन बाद सरकार ने कई प्रतियोगी परीक्षाओं और उनके नतीजे रद्द किए. उधर, उत्तर प्रदेश में स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर जेन अल्फा सड़क पर उतारा तो सरकार टीचरों की तैनाती का फैसला लिया गया. राजस्थान, मध्य प्रदेश में भी समस्याओं को लेकर जेन अल्फा सड़कों पर उतरे. अब सवाल उठ रहा है कि क्या Gen Z और जेन अल्फा की आंदोलनों के बाद ही सरकार क्यों एक्शन ले रही है? क्या Gen Z और Gen Alpha का दबाव बढ़ने लगा है?
NEET पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन-
दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन किया. NEET पेपर लीक और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ छात्र सड़क उतरे. इस प्रदर्शन Gen Z ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इस प्रदर्शन को Gen Z प्रोटेस्ट माना गया. इस प्रदर्शन के बाद संसद तक में Gen Z के इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों का इस्तेमाल देखने को मिला. इस प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपना पद छोड़ना पड़ा था. उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके साथ ही सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ कड़ा कानून भी बनाया.
रांची में परीक्षाओं में धांधली को लेकर प्रदर्शन-
झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर ली के खिलाफ छात्रों ने प्रदर्शन किया. छात्रों का ये प्रदर्शन 26 दिनों तक चला. इसके बाद झारखंड की हेमंत सोरेन की सरकार ने JSSC-CGL और TDPL परीक्षाओं को रद्द कर दिया. इसके साथ ही धांधलियों की उच्च स्तरीय जांच की घोषणा की.
लखनऊ में जेन अल्फा का प्रदर्शन-
यूपी की राजधानी लखनऊ में जयप्रकाश नारायण स्कूल के सैकड़ों छात्र सड़क पर उतरे. प्रशासन ने आश्वासन भी दिया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. इसके बाद जेन अल्फा बालागंज चौराहे पर बैठ गए. बच्चों ने दुबग्गा रोड जाम कर दिया. प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए. फौरन मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाया. इसके बाद आंदोलन खत्म हुआ.
सिरोही में कलेक्ट्रेट पहुंच गईं छात्राएं-
राजस्थान के सिरोही में जनजाति गर्ल्स हॉस्टल की करीब 50 छात्राएं पैदल डीएम ऑफिस पहुंच गईं. छात्राओं ने हॉस्टल की समस्याओं को डीएम के सामने रखा. डीएम ने जांच कमेटी बैठाई. इसके बाद प्रशासन ने छात्राओं सरकारी गाड़ी से हॉस्टल छोड़ा.
कन्नौज में सड़क पर जेन अल्फा-
कन्नौज में स्कूल की खराब हालत को लेकर जेन अल्फा ने खुद को क्लासरूम में बंद कर लिया. जब वीडियो वायरल हुआ तो डीएम खुद स्कूल पहुंचे और छात्रों से मुलाकात की. उनकी समस्याएं समझी.
मुखर हो रहे Gen Z और Gen Alpha-
जेन जी और जेन अल्फा अब दूसरों के भरोसे नहीं रह रहे हैं. ये खुद सड़क पर उतरे रहे हैं और अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचा रहे हैं. कई मामलों में सरकार और प्रशासन ने इनकी समस्याओं पर ध्यान भी दिया. अब सवाल उठने लगा है कि क्या जेन जी और जेन अल्फा का दबाव सरकार और प्रशासन पर बढ़ने लगा है?
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