Anand News
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गुजरात के आणंद में प्यार की एक दास्तान अब कानूनी पचड़े में फंस गई है. 15 साल पहले फेसबुक पर हुए प्यार के बाद बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत आई एक युवती को पुलिस ने हिरासत में लिया है. महिला ने हिंदू धर्म अपनाकर अपना घर बसाया, दो बच्चों की मां बनी, लेकिन अब उसके सामने डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है. पति की गुहार लगा रहा है कि मेरी पत्नी को मत भेजो, वहां उसकी जान को खतरा है.
15 साल पहले फेसबुक पर हुई थी पहचान-
आणंद के लांभवेल गांव के रहने वाले तरुण कुमार पटेल की मुलाकात 15 साल पहले फेसबुक पर बांग्लादेश की काजुली (काजल) से हुई थी. धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदली. काजल ने तरूण को बताया था कि उसके पिता उसकी शादी जबरन किसी और से कराना चाहते थे. इस कारण वह ढाका में अपने एक रिश्तेदार के घर रहने चली गई और वहां एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करने लगी. उसने पासपोर्ट बनवाने के लिए लगभग 13 हजार रुपये खर्च किए, लेकिन एजेंट द्वारा धोखाधड़ी किए जाने के कारण उसे पासपोर्ट नहीं मिल पाया. दूसरी ओर उसके पिता लगातार उस पर विवाह के लिए दबाव बना रहे थे. जिसके चलते काजल ने बहुत ही जोखिम भरा कदम उठाया. एजेंट के हाथों ठगे जाने के बाद, काजल ने 2016 में जोखिम उठा कर अवैध रूप से सीमा पार कर भारत पहुंच गई.
कैसे पहुंची भारत?
भारत मे सबसे पहले वह कोलकत्ता पहुंची, बाद में आणंद पहुंची. आणंद आने के बाद तरुण और काजल ने हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह कर लिया. काजल ने न केवल अपना धर्म बदला, बल्कि वह पूरी तरह से भारतीय संस्कृति में ढल गई. काजल मंदिरों में जाती, पूजा-पाठ करती और अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन बिता रही थी. इस दंपति के दो बच्चे हैं. एक 8 साल का बेटा ध्यान और दूसरा 2 साल का बेटा अर्श है.
काजल को किया जाएगा डिपोर्ट-
सब कुछ ठीक चल रहा था, तभी गुजरात पुलिस के बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ने के लिए चलाए गए एक विशेष अभियान ने काजल की मुश्किलें बढ़ा दीं. काजल ने बांग्लादेश में अपनी बीमार मां से बात करने के लिए एक फोन कॉल किया, जिसे पुलिस ने ट्रेस कर लिया. 2 जून की रात पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और अब उसे डिपोर्ट करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है. फिलहाल काजल आणंद के नारीगृह में है.
बिना मां के रह रहे हैं बच्चे-
पति तरुण का कहना है कि पिछले 15 दिनों से बच्चे अपनी मां के लिए बिलख रहे हैं. तरुण ने गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी से मानवीय आधार पर गुहार लगाई है. तरुण का तर्क है कि काजल ने हिंदू धर्म अपना लिया है, ऐसे में बांग्लादेश लौटने पर कट्टरपंथी तत्व उसकी जान ले सकते हैं. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए काजल को भारतीय नागरिकता दी जाए ताकि यह परिवार बिखरने से बच सके.
दूसरी ओर आणंद एसपी जी जी जसाणी ने फोन पर बात करते हुए बताया कि वह गैरकानूनी तरीके से यहा रह रही थी. कोई डॉक्युमेंट भी नहीं थे. यह कार्रवाई की है, वह कानूनी कार्रवाई थी. अभी यह महिला आणंद नारी संरक्षण गृह में है.
(हेतली एम. शाह की रिपोर्ट)
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