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Gwalior Cyber Fraud: WhatsApp पर आया मैसेज, क्रिप्टो में मुनाफे का लालच... 70 साल के CA से 21 करोड़ रुपए की ठगी, ऐसे बिछाया गया पूरा जाल

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट से WhatsApp पर क्रिप्टो निवेश का झांसा देकर 21.05 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई. पुलिस पूरे साइबर नेटवर्क की जांच में जुटी है.

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आजकल साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए हर दिन नए-नए तरीके अपना रहे हैं. कभी डिजिटल अरेस्ट, कभी फर्जी निवेश और कभी क्रिप्टोकरेंसी में मोटे मुनाफे का झांसा देकर लोगों की जीवनभर की कमाई पर हाथ साफ किया जा रहा है. ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया है, जहां 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से साइबर ठगों ने करीब 21.05 करोड़ रुपए की ठगी कर ली. बताया जा रहा है कि यह प्रदेश के सबसे बड़े ऑनलाइन क्रिप्टो निवेश घोटालों में से एक माना जा रहा है.

WhatsApp मैसेज से शुरू हुई पूरी कहानी
जानकारी के मुताबिक, दिसंबर 2025 में CA के पास WhatsApp पर एक मैसेज आया. मैसेज भेजने वाली महिला ने खुद को 'दिव्या सिंह' नाम की इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंट बताया. बातचीत के दौरान उसने क्रिप्टोकरेंसी, खासकर USDT और बिटकॉइन में निवेश करने पर बड़े मुनाफे का दावा किया. इसके बाद उसने एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का लिंक भेजा, जहां पीड़ित ने अपना अकाउंट बना लिया.

छह महीने तक निवेश कराते रहे, दिखाते रहे भारी मुनाफा
शुरुआत में पीड़ित को प्लेटफॉर्म पर निवेश बढ़ता हुआ दिखाई देता रहा. फर्जी डैशबोर्ड पर लगातार मुनाफा दिखाकर उसका भरोसा जीता गया. इसी भरोसे में वह अलग-अलग किश्तों में लगातार पैसे निवेश करता गया. करीब छह से सात महीने के दौरान उसने कुल 21.05 करोड़ रुपए से ज्यादा रकम इस फर्जी निवेश योजना में लगा दी. बाद में जब पैसे निकालने की कोशिश की गई, तब पूरी ठगी का पता चला.

जांच में सामने आया बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क
मामले की जांच के दौरान साइबर पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम सीधे एक खाते में नहीं गई. जांच एजेंसियों ने पाया कि 21.05 करोड़ रुपए देशभर में फैले 20,507 म्यूल बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर किए गए. रकम को छिपाने के लिए 12 अलग-अलग ट्रांजैक्शन लेयर का इस्तेमाल किया गया, जिससे पैसों का असली स्रोत पकड़ना बेहद मुश्किल हो गया.

पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती
जांच एजेंसियां अब उन सभी बैंक खातों, ट्रांजैक्शन और संदिग्ध लोगों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं, जिनका इस्तेमाल इस पूरे नेटवर्क में किया गया. शुरुआती जांच में यह मामला संगठित साइबर गिरोह से जुड़ा माना जा रहा है, जिसने फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी को अंजाम दिया.

ऐसे निवेश ऑफर से रहें सावधान
साइबर विशेषज्ञ लगातार लोगों को सलाह देते हैं कि WhatsApp, Telegram या सोशल मीडिया पर मिलने वाले किसी भी निवेश ऑफर पर बिना जांच भरोसा न करें. यदि कोई व्यक्ति कम समय में ज्यादा मुनाफे का वादा करे या किसी अनजान लिंक के जरिए ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाने को कहे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं. किसी भी प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता की जांच करें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.

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