
माता रानी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
माता रानी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो गई है. हर मंदिरों में मां की पूजा करने वालों की भीड़ भी जुटने लगी है. जगह-जगह पूजा पंडाल लगाए जा रहे हैं, जिसमें देवी की प्रतिमा स्थापित की जा रही है. नवरात्रि के अवसर पर देवी मां की चुनरी चढ़ाना शुभ माना जाता है. देवी मां के भक्त बहुत श्रद्धा भाव से चुनरी चढ़ते हैं. आपको जानकर शायद हैरानी हो लेकिन मां के मंदिरों में चढ़ने वाली पवित्र चुनरी को प्रयागराज में कई पीढ़ियों से मुस्लिम वर्ग के लोग बना रहे हैं.
खास बात ये है कि प्रयागराज से तकरीबन 40 किलोमीटर दूर लालगोपालगंज के 2 कस्बों में कलावा धागा और देवी मां पर चढ़ने वाली चुनरी पीढ़ी दर पीढ़ी मुस्लिम बनाता आ रहा है. जहां एक तरफ देश के कई हिस्सों में नफरतों की दीवार खड़ी हो तो वही प्रयागराज में आपसी सौहार्द का भाव भी नजर आता है.
मुस्लिम परिवार चौथी पीढ़ी से कर रहा ये काम
लाल रंग की चुनरी और लाल-पीले रंग का कलावा मैहर वाली माता से लेकर मां विंध्यवासिनी के दरबार तक देवी के भक्त बेहद श्रद्धाभाव से चढ़ाते हैं. माता को चढ़ने वाला आस्था का ये प्रसाद उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर से 40 किमी दूर लालगोपालगंज गांव में मुस्लिम समुदाय के रंगरेज बिरादरी के लोग कई पीढ़ियों से बनाते आ रहे हैं. नवरात्रि के पूरे नौ दिन यहां मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे परिवार के साथ दिन-रात मेहनत करके कलावा और चुनरी तैयार करते हैं.

लाल गोपालगंज गांव के रहने वाले लगभग 50 से अधिक मुस्लिम रंगरेज़ परिवार हैं. पूरा परिवार इसी कारोबार से चलता है. मुस्लिम कारोबारी मोहम्मद नफीस का कहना है कि हमें ये काम करने में जरा भी संकोच नहीं होता है. हम सभी अपने पैतृक काम को कर रहे हैं. इसी तरह इसी का कस्बे में रहने वाले मोहम्मद अमीर कहते हैं कि ये काम हमारे पिताजी के पिताजी किया करते थे. हमें भी काम विरासत में मिला है और मैं भी इस काम को कर रहा हूं. आपको बता दें नवरात्र के दौरान उनके हाथों की बनी सामान की डिमांड अधिक बढ़ जाती है. इसके साथ ही देश के अलग-अलग कोने से व्यापारी आते हैं और यहां चुनरी, कलावा धागा और राम नाम की चुनरी ले जाते हैं.

पहले काम को मिलता था सम्मान, अब लोन भी मिलना मुश्किल
कई पीढ़ियों से काम करने वाले मोहम्मद अलीम कहते हैं, "हमारे पूर्वज काम किया करते थे उस समय के राजवाड़ा के लोग हर साल रंगरेज बिरादरी को सम्मान किया करते थे. लेकिन अब ना ही हम लोगों को कोई पूछता है, न कोई सम्मान करता है. हमें बैंक से इस काम के लिए लोन तक नहीं मिलता. काम को सही फाइनेंस मिलने की वजह से हमारे काम पर भी असर पड़ रहा है. इस वक्त बीजेपी की सरकार है सीएम योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर के मठ मंदिरों में हमारे हाथों से बनी हुई चुनरी, कलावा धागा और रामनामी चादर भेजी जाती है. हम सीएम साहब से अपील करते हैं कि हमारे इस काम पर ध्यान दें ताकि हमारा कारोबार चलता रहे और आपसी सौहार्द भी कायम रहे.
(प्रयागराज से आनंद राज की रिपोर्ट)