लगातार बढ़ते तापमान के चलते दोगुनी हुई एसी की बिक्री
लगातार बढ़ते तापमान के चलते दोगुनी हुई एसी की बिक्री
गर्मी का मौसम आते ही एसी की बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिलती है. गर्मी से राहत पाने के ज्यादातर लोग कूलर एसी खरीदते हैं. लेकिन साल 2022 में एसी की बिक्री दोगुना हो गई है. राजधानी की बात करें तो यहां पर पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका था. ऐसे में साल 2022 के अप्रैल महीने में पिछले साल के मुकाबले ऐसी की दोगुना बिक्री हुई.
अप्रैल-2021 के मुकाबले अप्रैल- 2022 में AC की बिक्री डबल हो गई. दरअसल, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और उपकरण निर्माता संघ (CEAMA) के आंकड़े के मुताबिक, अप्रैल-2022 में करीब 17.5 लाख यूनिट्स AC की बिक्री हुई है, जो कि पिछले साल अप्रैल की तुलना में डबल है.
जमकर हो रही है एसी कूलर की बिक्री
दिल्ली के आर के पुरम में तमाम इलेक्ट्रॉनिक शॉप्स में भी एसी कूलर की जमकर बिक्री हो रही है. दुकान के मालिकों का कहना है कि 100% सेल से 75 से 80% से सिर्फ एसी और कूलर की हो रही है. राजकमल, मैनेजर AB इलेक्ट्रोनिक ने बताया कि ज्यादातर कस्टमर्स एसी ही खरीद रहे हैं क्योंकि इतनी भयावह गर्मी में अब तो कूलर भी जवाब दे रहे हैं. सीईएमए के प्रेसिडेंट एरिक ब्रागंजा का कहना है कि इस बार पिछले साल से मिलाकर देखें तो एसी की बिक्री में बीस प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है. एक दिन में लगभग 35-40 यूनिट एसी की बिक्री हो रही है. और वीकेंड पर बिक्री दोगुनी हो जाती है. सबसे खास बात यह है कि पिछले साल के मुकाबले एसी के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है. बावजूद इसके लोग एसी जमकर खरीद रहे हैं.
90 लाख यूनिट्स तक हो सकती है एसी की बिक्री
यही नहीं, एसोसिएशन का कहना है कि देश में जिस तरह से गर्मी बढ़ रही है, उसे देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि साल-2022 में AC की बिक्री का आंकड़ा 90 लाख यूनिट्स तक पहुंच सकता है. एरिक ने बताया कि उद्योग स्तर पर, अप्रैल 2022 के महीने में आवासीय एसी की अनुमानित बिक्री लगभग 1.75 मिलियन यूनिट है. बिक्री अप्रैल 2021 की तुलना में दोगुनी है और अप्रैल 2019 के आंकड़ों से 30-35% अधिक है. इसका एक बहुत बड़ा कारण भीषण गर्मी और दो साल से कोरोना काल के कारण बंद बाजार भी हैं. यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले जून महीने तक कुछ एसी के मॉडल आउट ऑफ स्टॉक हो सकते हैं.
पिछले 18-20 महीनों में, कंज्यूमर अप्लायंस/टिकाऊ सामान उद्योग में 15% तक की कीमतों में वृद्धि देखी गई है. कच्चे माल, कच्चे तेल और वैश्विक माल ढुलाई दरों में निरंतर वृद्धि के साथ, कई निर्माता आने वाले महीनों में अपने मूल्य निर्धारण में 2-4 प्रतिशत की वृद्धि करेंगे.