NDA Leaders
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राज्यसभा चुनाव के बाद एनडीए की ताकत में इजाफा हुआ है. सोमवार को नए सांसदों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. बीजेपी की अगुवाई वाला एनडीए धीरे-धीरे सदन में दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच रहा है. हालांकि लोकसभा में एनडीए दो-तिहाई बहुमत से अभी बहुत दूर है. नए सांसदों के शपथ के बाद राज्यसभा में एनडीए की ताकत कितनी बढ़ी है? चलिए इसे समझते हैं.
राज्यसभा में एनडीए के कितने सांसद?
सोमवार को नए सांसदों के शपथ ग्रहण के बाद राज्यसभा में एनडीए के सांसदों की संख्या बढ़ गई है. गुजरात से एनडीए के जीतेंद्र मेघजीभाई कंजारिया और मानसिंह मेरामन परमार, कर्नाटक से बीजेपी के एम नागराजा और मध्य प्रदेश से बीजेपी के तरूण चुघ ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. 242 सीटों वाली मौजूदा राज्यसभा में एनडीए के पास 141 सांसद हो गए हैं.
इसके साथ ही सदन के 10 मनोनीत और निर्दलीय सांसद भी सरकार के साथ हैं. इस तरह से एनडीए के सदस्यों की संख्या 151 हो गई है.
कितना है दो-तिहाई बहुमत?
मनोनीत और निर्दलीय सांसदों को मिलाकर एनडीए को 252 सांसदों का समर्थन है. हालांकि अभी भी एनडीए दो-तिहाई बहुमत तक नहीं पहुंच पाया है. राज्यसभा में एनडीए को दो-तिहाई बहुमत तक पहुंचने के लिए कुल 164 सीटों की जरूरत होगी, क्योंकि सदन की कुल संख्या 245 है. इस तरह से अभी भी एनडीए इस जादुई आंकड़े से 13 सीट दूर है.
दो-तिहाई तक कैसे पहुंचेगा एनडीए?
राज्यसभा में एनडीए को दो-तिहाई बहुमत तक पहुंचने के लिए बीजेडी और वाईएससीआरपी की मदद मिल सकती है. बीजेडी के पास 5 सांसद और वाईएसआरसीपी के 4 सांसद हैं. इस तरह से इनके पास 9 सांसद हैं. कई बार इन दोनों दलों ने सरकार की मदद की है. ऐसे में माना जा रहा है कि अगर सरकार को दो-तिहाई बहुमत की जरूरत पड़ी तो इन दोनों दलों की मदद मिल सकती है.
इस तरह से राज्यसभा में एनडीए को 160 सांसदों का समर्थन मिल जाएगा. इसके अलावा पश्चिम बंगाल में 3 राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे. इन सीटों पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही है. ऐसे में एनडीए का आंकड़ा 163 तक पहुंच जाएगा. इसका मतलब है कि एनडीए दो-तिहाई बहुमत से सिर्फ एक सीट दूर रहेगा.
लोकसभा में दो-तिहाई से कितनी दूर?
राज्यसभा में एनडीए करीब-करीब दो-तिहाई बहुमत तक पहुंच सकता है. लेकिन लोकसभा में स्थिति कुछ अलग है. 540 सीटों वाली लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के लिए 360 सीटों की जरूरत होगी. जबकि एनडीए के पास 300 सांसद हैं. इसके साथ ही टीएमसी के 20 बागी सांसद और शिवसेना यूबीटी के 6 बागी सांसद हैं. इनको मिलाकर एनडीए को 326 सांसदों का समर्थन मिल पाएगा. ऐसे में अभी भी दो-तिहाई बहुमत के लिए एनडीए को 34 सांसदों की जरूरत होगी.
उधर, डीएमके ने इंडिया गठबंधन से दूरी बना ली है. अगर एनडीए डीएमके को अपने साथ लाने में कामयाब होता है तो उसका कुनबा बढ़ सकता है और दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच सकता है. लेकिन दो-तिहाई तक पहुंचने के लिए अभी दूसरे सहयोगियों की जरूरत होगी.
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