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दिल्ली में जल्द लागू हो सकता है DRS सिस्टम, प्लास्टिक खरीदने पर देना होगा पैसा, जमा वापसी योजना लाने पर सरकार का विचार, जानें कैसे करेगा काम

दिल्ली में प्लास्टिक कचरे की बढ़ती समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार 'जमा वापसी योजना' (Deposit Refund System) लागू करने की तैयारी में है.

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देश में बढ़ते प्लास्टिक कचरे की समस्या को देखते हुए सरकार अब एक नए समाधान पर काम कर रही है. प्लास्टिक वेस्ट को कंट्रोल करने के लिए 'जमा वापसी योजना'. यानी डिपॉजिट रिफंड सिस्टम (DRS) लागू करने पर विचार किया जा रहा है. इस पहल का मकसद न सिर्फ कचरे को कम करना है, बल्कि लोगों को इसे वापस करने के लिए प्रेरित करना भी है.

क्या है जमा वापसी योजना?
इस योजना के तहत जब कोई व्यक्ति प्लास्टिक की बोतल या पैकेजिंग वाली चीज खरीदता है, तो उसे उसके साथ एक छोटी अतिरिक्त राशि भी देनी होती है. बाद में जब वही खाली बोतल या पैकेजिंग निर्धारित कलेक्शन सेंटर या दुकानों पर वापस की जाती है, तो वह राशि उपभोक्ता को लौटा दी जाती है.

आसान शब्दों में कहें तो यह योजना लोगों को प्लास्टिक फेंकने के बजाय वापस करने के लिए मोटिवेट करती है. मतलब यह योजना वेस्ट रिसाइकल कॉनसेप्ट पर आधारित है. 

दिल्ली सरकार कर रही है इस पर विचार
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस योजना को लेकर संकेत दिए हैं कि भारत में भी इसे लागू करने की दिशा में काम किया जा सकता है. उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि इस मॉडल का गहराई से अध्ययन किया जाए और इसके फायदे-नुकसान को समझा जाए.

सरकार का मानना है कि इससे प्लास्टिक कचरे को लैंडफिल या खुले में फेंके जाने से रोका जा सकेगा और रीसाइक्लिंग सिस्टम को भी मजबूत किया जा सकेगा.

दूसरे देशों में सफल रहा मॉडल
डिपॉजिट रिफंड सिस्टम पहले से ही कई देशों में लागू है और वहां इसके अच्छे नतीजे देखने को मिले हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया के 40 से ज्यादा देशों में यह सिस्टम काम कर रहा है और लगभग 90 प्रतिशत तक प्लास्टिक बोतलों की रीसाइक्लिंग हो रही है. अब भारत जैसे बड़े देश में अगर यह मॉडल सही तरीके से लागू होता है, तो इसका असर काफी बड़ा हो सकता है.

राज्यों को दिए गए निर्देश
केंद्र सरकार ने राज्यों को भी इस दिशा में काम करने के लिए कहा है. राज्यों से कहा गया है कि वे उन जगहों के मॉडल का अध्ययन करें, जहां यह योजना पहले से लागू है, और अपने हिसाब से इसे अपनाने की तैयारी करें.

साथ ही, एक महीने के अंदर इस पर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि इसे जल्द लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके.

प्रशासन का मानना है कि प्लास्टिक कचरा आज सबसे बड़ी पर्यावरणीय समस्याओं में से एक बन चुका है. ऐसे में जमा वापसी योजना जैसे कदम लोगों की आदत बदलने में मदद कर सकते हैं. अगर लोग प्लास्टिक वापस करेंगे, तो न सिर्फ कचरा कम होगा बल्कि शहर भी साफ रहेंगे.

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