H1N1
H1N1
दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 29 अगस्त तक दिल्ली में H1N1 के कुल 3565 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें 3006 मरीज दिल्ली के हैं, जबकि 559 मामले दिल्ली से बाहर के हैं. सिर्फ 29 अगस्त को दिल्ली में 199 और बाहर के 59 नए मामले दर्ज किए गए.
इंफ्लूएंजा A और B को मिलाकर दिल्ली में अब तक 4107 मामले सामने आए हैं. दिल्ली से बाहर के मरीजों को जोड़ने पर यह आंकड़ा 5020 तक पहुंच गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि H1N1 फैलता कैसे है और घर, ऑफिस या स्कूल जैसे बंद स्थानों में इससे बचने के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
क्या H1N1 हवा से फैलता है?
H1N1 इंफ्लूएंजा का एक प्रकार है और यह संक्रमित व्यक्ति की खांसी, छींक या बात करने के दौरान निकलने वाली सांस की बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है. संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब रहने पर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
बंद और भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोग लंबे समय तक एक-दूसरे के करीब रहते हैं. ऐसे में संक्रमण फैलने की संभावना ज्यादा हो सकती है. इसलिए इसे केवल 'हवा में तैरने वाली बीमारी' समझना सही नहीं है, लेकिन खराब वेंटिलेशन और लगातार नजदीकी संपर्क संक्रमण के फैलाव को बढ़ावा दे सकते हैं.
AC ऑफिस में क्या सावधानी रखें?
ऑफिस में कई लोग घंटों एक ही कमरे में बैठते हैं. अगर किसी कर्मचारी को खांसी-जुकाम या फ्लू के लक्षण हैं तो दूसरों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है. ऑफिस में खिड़कियां-दरवाजे खोलकर जब संभव हो तब ताजी हवा का वेंटिलेशन बनाए रखना मददगार हो सकता है. खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिश्यू या कोहनी से ढकें. बार-बार आंख, नाक और मुंह छूने से बचें और हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह साफ करते रहें. अगर किसी कर्मचारी को फ्लू जैसे लक्षण हैं तो उसे आराम करना चाहिए और जरूरत के मुताबिक डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. बीमारी के दौरान ऑफिस आने से बचना दूसरों को संक्रमण से बचाने में भी मदद करता है.
स्कूल में बच्चों के लिए ये सावधानियां जरूरी
स्कूल में बच्चे एक-दूसरे के काफी करीब रहते हैं. टिफिन, पानी की बोतल या दूसरी चीजें साझा करने की आदत भी संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकती है.
बच्चों को हाथ धोने, खांसते-छींकते समय मुंह ढकने और अपनी चीजें शेयर न करने की आदत डालें. अगर बच्चे को बुखार, खांसी, गले में दर्द या कमजोरी है तो उसे स्कूल भेजने के बजाय घर पर आराम कराएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें.
घर में एक सदस्य बीमार हो तो क्या करें?
घर में किसी सदस्य को फ्लू जैसे लक्षण हैं तो उसके साथ बहुत नजदीकी संपर्क कम रखें. कमरे में पर्याप्त हवा का आवागमन रखें और इस्तेमाल की गई चीजों को साफ रखें.
बीमार व्यक्ति के खांसने-छींकने पर निकली बूंदों के संपर्क से बचना जरूरी है. घर के दूसरे सदस्यों को भी हाथ साफ रखने चाहिए. खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले लोगों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहतर है.
हर खांसी-जुकाम को H1N1 न समझें
H1N1 के मामले बढ़ने के बीच सामान्य खांसी, जुकाम या हल्के बुखार को देखकर घबराने की जरूरत नहीं है. विशेषज्ञों के मुताबिक हल्के लक्षण होने पर हर मरीज को अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होती.
हालांकि तेज बुखार, बहुत ज्यादा ठंड लगना, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या हालत बिगड़ने जैसे लक्षण हों तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए.
फ्लू के लक्षण दिखने पर खुद से एंटीबायोटिक या दूसरी दवाएं शुरू करना सही नहीं है. हर बुखार H1N1 नहीं होता और बीमारी की सही वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है.