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स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल! SKMCH में स्ट्रेचर नहीं मिलने का आरोप, वायरल हुआ लाचार पति का VIDEO

अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक लाचार पति अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी को पीठ पर उठाकर डॉक्टर के पास ले जाता दिखाई दे रहा है.

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उत्तर बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक तस्वीर सामने आई है. अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक लाचार पति अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी को पीठ पर उठाकर डॉक्टर के पास ले जाता दिखाई दे रहा है.

जानकारी के मुताबिक, मीनापुर प्रखंड के रहने वाले शकल साह अपनी पत्नी पार्वती देवी का इलाज कराने SKMCH पहुंचे थे. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने कई बार स्ट्रेचर उपलब्ध कराने की गुहार लगाई, लेकिन काफी देर तक कोई मदद नहीं मिली. इस दौरान महिला की हालत बिगड़ती गई. आखिरकार मजबूर होकर शकल साह ने पत्नी को अपनी पीठ पर उठाया और डॉक्टर के चेंबर तक लेकर पहुंचे. अस्पताल परिसर का यह दृश्य वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. शकल साह का कहना है कि पत्नी की हालत लगातार गंभीर होती जा रही थी. कई बार स्ट्रेचर की मांग करने के बावजूद कोई सहायता नहीं मिली, इसलिए मजबूरी में उन्हें पत्नी को पीठ पर उठाकर डॉक्टर तक ले जाना पड़ा.

वहीं, पार्वती देवी ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से गांव के एक स्थानीय चिकित्सक से इलाज करा रही थीं. तबीयत में सुधार नहीं होने पर बेहतर इलाज की उम्मीद से उन्हें SKMCH लाया गया.

अस्पताल प्रशासन ने जांच के दिए आदेश
SKMCH के अधीक्षक डॉ. महेश प्रसाद ने कहा कि स्ट्रेचर नहीं मिलने की कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है. उनके अनुसार, इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक ट्रॉलीमैन स्ट्रेचर के साथ तैनात रहते हैं. यदि किसी मरीज को स्ट्रेचर नहीं मिला है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. शिकायत सही मिलने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और यह भी पता लगाया जाएगा कि किन परिस्थितियों में परिजन को मरीज को पीठ पर उठाकर ले जाना पड़ा.

उत्तर बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में सामने आई इस घटना ने मरीजों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है.

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