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WhatsApp कॉल से शुरू हुआ जाल, बुजुर्ग बने Digital Arrest के शिकार... 2 महीने में आतंकवाद से लिंक बताकर रिटायर्ड कारोबारी से ठगे 7.12 करोड़

फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर डराया गया और दो महीने में RTGS के जरिए 7.12 करोड़ करवा लिए ट्रांसफर

Hyderabad digital arrest Hyderabad digital arrest

हैदराबाद से साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है. 81 साल के बुजुर्ग रिटायर्ड करोबारी से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लगभग 7.12 करोड़ रुपयों की ठगी की गई है. यह मामला 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ, जब पीड़ित के एक व्हाट्सएप कॉल आया. 

जानें ठगी को कैसे दिया अंजाम 
घटना 17 तारीख की है जब ठग ने खुद को ब्लू डार्ट कूरियर कंपनी का कर्मचारी बता कर पूरे मामले को अंजाम दिया. पीड़ित को एक व्हाट्सएप कॉल आई जिसपर ठग ने उन्हें बताया कि उनका एक पार्सल उनके नाम से थाईलैंड भेजा जा रहा था. लेकिन वह पार्सल पकड़ा गया है, जिसमें MDMA ड्रग्स, फर्जी पासपोर्ट और क्रेडिट कार्ड मिले हैं. 

इस कॉल को आगे बढ़ाते हुए ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया और पीड़ित व्यक्ति पर ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद से जुड़े होने के गंभीर आरोप लगाया. जिसको सुन कर पीड़ित डर गया. इसके बाद उन्हें यकीन दिलाने के लिए पीड़ित को वीडियो कॉल के जरिए 'डिजिटल अरेस्ट' कर लिया गया और परिवार, बैंक या वकील से बात करने पर रोक लगा दी गई. 

डरा कर और मानसिक दबाव बनाकर मामला साफ करने के बहाने से पैसों की वेरिफिकेशन कराने को कहा डर और दबाव में आकर बुजुर्ग कारोबारी ने म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाए और 29 अक्टूबर से 5 दिसंबर 2025 के बीच कई बार RTGS के जरिए कुल 7.12 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए.

बुजुर्ग को हुआ शक 
29 दिसंबर को जब ठगों ने केस बंद करने के नाम पर और 1.2 करोड़ रुपये की मांग की, तब पीड़ित को शक हुआ. हाल ही में मीडिया में सामने आए ऐसे ही मामलों को याद करते हुए उन्होंने 30-31 दिसंबर को तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (TGCSB) में शिकायत दर्ज कराई. मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. 

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक साल 2025 में ही केवल डिजिटल अरेस्ट के कुल 17718 केस दर्ज हुए हैं, जिसमें ठगों ने अब तक लगभग 210 करोड़ रुपयों की ठगी को अंजाम दिया है. 


डिजिटल अरेस्ट से बचने के तरीके 

पुलिस कभी भी नंबर से वीडियो कॉल या मैसेज नहीं करती. अगर आपको ऐसे मैसेज या कॉल आते हैं तो घबराएं नहीं. 

पैसे ट्रांसफर करने से पहले क्रॉस चेक करें और बैंक या किसी जानकार से सलाह लें. 

आए दिन ऐसे कॉल या मैसेज लोगों को आते रहते हैं. सबसे पहले घबराएं नहीं. फोन या व्हाट्सएप पर मिली धमकियों पर भरोसा न करें क्योंकि यह ठगों की चाल है. ऐसे कॉल और मैसेज की शिकायत तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर करें.

 

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