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अब गरीब मरीजों को सस्ती और आधुनिक इलाज की मिलेगी बेहतर सुविधा, जानिए कैसे

डॉ. विजय प्रकाश ने गैस की समस्या को गंभीरता से लेने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि ‘गैस’ एक सामान्य शब्द है, लेकिन इसके पीछे कई गंभीर बीमारियां छिपी हो सकती हैं. गलत खानपान, अनियमित दिनचर्या और लापरवाही से पेनक्रिएटाइटिस जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है.

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हाइलाइट्स
  • गरीब मरीजों को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी

  • नई तकनीक और रोबोटिक सर्जरी पर जोर

समस्तीपुर के गरीब मरीजों के लिए राहत भरी खबर है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के 15वें सेमिनार में डॉक्टरों ने यह संकल्प लिया कि जिले में सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इस पहल से आने वाले समय में गैस, डायबिटीज, मोटापा और हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों को सीधे तौर पर फायदा मिलने की उम्मीद है.

समस्तीपुर में आयोजित इस सेमिनार (DIMACON) का उद्घाटन IMA के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष Dr. Sahajanand Prasad Singh और पद्मश्री से सम्मानित गैस्ट्रो विशेषज्ञ Dr. Vijay Prakash ने किया. आयोजन का उद्देश्य स्थानीय डॉक्टरों को आधुनिक तकनीक और नई चिकित्सा पद्धतियों से अवगत कराना था, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके.

गैस और पेनक्रिएटाइटिस पर विशेष चर्चा
डॉ. विजय प्रकाश ने गैस की समस्या को गंभीरता से लेने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि ‘गैस’ एक सामान्य शब्द है, लेकिन इसके पीछे कई गंभीर बीमारियां छिपी हो सकती हैं. गलत खानपान, अनियमित दिनचर्या और लापरवाही से पेनक्रिएटाइटिस जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है. उन्होंने लोगों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय पर जांच कराने की सलाह दी.

मोटापा अब गंभीर बीमारी
आईजीआईएमएस के जीआई सर्जरी विशेषज्ञ Dr. Saket Kumar ने बताया कि मोटापा अब सिर्फ वजन बढ़ने की समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर बीमारी है. इससे शरीर के कई अंग प्रभावित होते हैं और जीवन प्रत्याशा भी घटती है. उन्होंने कहा कि लाइफस्टाइल में बदलाव, दवाइयों, एंडोस्कोपी और जरूरत पड़ने पर सर्जरी से मोटापे का इलाज संभव है. खास बात यह है कि आईजीआईएमएस में पिछले पांच वर्षों से कम खर्च में यह सर्जरी की जा रही है.

नई तकनीक और रोबोटिक सर्जरी पर जोर
सेमिनार में आंतरिक रोग, शल्य चिकित्सा, अस्थिरोग, एनेस्थीसिया, जीआई सर्जरी, ईएनटी, स्त्री रोग और रेडियोलॉजी से जुड़ी नवीनतम तकनीकों पर चर्चा हुई. रोबोटिक सर्जरी जैसे आधुनिक इलाज के तरीकों की भी जानकारी दी गई, जिससे मरीजों को सुरक्षित और सटीक उपचार मिल सके.

डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह ने डॉक्टरों से अपील की कि वे केवल प्रैक्टिस तक सीमित न रहें, बल्कि गरीब मरीजों के हित को प्राथमिकता दें. उन्होंने कहा कि सेमिनार में मिली जानकारी को अपने-अपने क्लीनिक और अस्पतालों में लागू करें, ताकि आम लोगों को सीधा लाभ मिल सके.