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भारत ने पिछले सिर्फ 14 महीनों में 50 गीगावॉट (GW) सोलर क्षमता जोड़कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इस बढ़ोतरी के बाद देश की कुल सोलर क्षमता अब करीब 155 GW हो गई है. इसी रफ्तार के चलते भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर मार्केट बन गया है और उसने इस मामले में अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है
2014 से 2026 तक का सफर
साल 2014 में भारत की सोलर क्षमता केवल 2.8 GW थी. उस समय देश में सौर ऊर्जा का उपयोग सीमित स्तर पर ही था. लेकिन पिछले एक दशक में सरकार की नीतियों, निवेश और तकनीकी विकास ने इस सेक्टर की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है. अब 2026 तक भारत की सोलर क्षमता बढ़कर करीब 155 GW तक पहुंच चुकी है. यह आंकड़ा भारत की ऊर्जा क्रांति की सबसे बड़ी मिसाल माना जा रहा है.
सिर्फ 14 महीनों में 50 GW की ऐतिहासिक छलांग
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पिछले 14 महीनों में तेजी से काम करते हुए 50 GW नई सोलर क्षमता जोड़ी है. इतनी तेज वृद्धि ने भारत को वैश्विक स्तर पर सबसे तेज बढ़ते सोलर बाजारों में शामिल कर दिया है. यह गति भारत की नीतिगत स्थिरता और निजी क्षेत्र की भागीदारी का परिणाम है.

अमेरिका को पीछे छोड़ दूसरा सबसे बड़ा सोलर मार्केट
तेजी से बढ़ती सोलर क्षमता के चलते भारत अब दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा सोलर मार्केट बन गया है. इस उपलब्धि के साथ भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है. चीन अभी भी पहले स्थान पर बना हुआ है.
सोलर एनर्जी से भारत में क्या बदल रहा है?
कोयले और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम हो रही है
बिजली उत्पादन में स्वच्छ ऊर्जा का हिस्सा बढ़ रहा है
बिजली का खर्च घट रहा है
ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक बिजली पहुंच आसान हो रही है
प्रदूषण कम करने में मदद मिल रही है
ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ रही है
सोलर एनर्जी न सिर्फ पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि आर्थिक रूप से भी देश को मजबूत बना रही है. इससे बिजली उत्पादन की लागत कम हो रही है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ रही है. इसके साथ ही यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा कर रहा है, खासकर इंस्टॉलेशन, मैन्युफैक्चरिंग और मेंटेनेंस सेक्टर में. भारत आने वाले वर्षों में अपने रिन्यूएबल एनर्जी टारगेट को और तेज गति से हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
इन योजनाओं ने इस बदलाव को दी गति
पीएम सूर्य घर- मुफ्त बिजली योजना: इस योजना के तहत घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी दी जाती है, जिससे आम लोग अपने बिजली बिल को काफी हद तक कम कर सकते हैं और सस्ती/मुफ्त बिजली का लाभ पा सकते हैं.
पीएम-कुसुम योजना: यह योजना किसानों के लिए है, जिसमें खेतों में सोलर पंप लगाने पर भारी सब्सिडी मिलती है. इससे डीजल पर निर्भरता कम होती है और किसान अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी कर सकते हैं.
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