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देश का पहला नेचुरल एयर प्यूरीफायर, जीरो कार्बन फुटप्रिंट के साथ 500 पौधों के बराबर हवा शुद्ध करने की क्षमता

यह प्यूरीफायर ब्रीदिंग रूट टेक्नोलॉजी पर काम करती है. यह एक ऐसी तकनीक है जिसके जरिए पौधों की जड़ों की ब्रीदिंग क्षमता को बढ़ा सकते हैं. अमूमन कहा यही जाता है कि पौधे, पत्तियों के जरिए एरियल रेस्पिरेशन का काम करते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि पत्तियों से केवल 10 से 15% प्यूरिफिकेशन होता है.

Natural Air Purifier Natural Air Purifier
हाइलाइट्स
  • हवा को शुद्ध करेगा

  • 500 पौधों के बराबर हवा शुद्ध करने की क्षमता

दिल्ली एनसीआर वालों के लिए प्रदूषण एक समस्या नहीं बल्कि एक आजीवन बीमारी बन चुकी है. इसलिए दूषित हवा से बचने के लिए लोग अब एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल कर रहे हैं. आमतौर पर बाजारों में मिलने वाले एयर प्यूरिफयार्स आधुनिक तकनीक से लैस हेपा फिल्टर्स से बने होते हैं. लेकिन अर्बन एयर लैब्स का दावा है कि उन्होंने देश का पहला ऐसा एयर प्यूरिफायर बनाया है जो पूरी तरह से प्राकृतिक है. शहर की जहरीली हवाओं से बचने के लिए यह एक नेचुरल और सस्टेनेबल उपाय है क्योंकि इसमें किसी भी तरह की आर्टीफिशियल तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया गया है. कंपनी के सीईओ और को-फाउंडर संजय मौर्या बताते हैं कि अर्बन एयर लैब्स में प्लांट बेस्ड यानि कि पौधों पर आधारित प्यूरीफायर बनाए जाते हैं.

कैसे हुई इसकी शुरुआत?
संजय ने आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है. दिल्ली में लगभग 10 साल बिताने के बाद इस बात का एहसास हुआ कि दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लोगों की जिंदगी पर प्रदूषण कितना हावी हो रहा है. बस इसी सोच के साथ संजय ने भी एक स्टार्टअप शुरू करने के बारे में सोचा और एक ऐसा एयर फिल्टर बनाया जो अब तक का देश का पहला नेचुरल एयर प्यूरीफायर है.

किस तकनीक पर काम करती है?
संजय बताते हैं कि दरअसल यह ब्रीदिंग रूट टेक्नोलॉजी पर काम करती है. यह एक ऐसी तकनीक है जिसके जरिए पौधों की जड़ों की ब्रीदिंग क्षमता को बढ़ा सकते हैं. अमूमन कहा यही जाता है कि पौधे, पत्तियों के जरिए एरियल रेस्पिरेशन का काम करते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि पत्तियों से केवल 10 से 15% प्यूरिफिकेशन होता है. 80 से 90% यूनिफिकेशन पौधों के सॉइल रूट जोन से होती है. इन सॉइल रूट्स में कुछ ऐसे माईक्रोआर्गेनिज्म होते हैं जो प्रदूषित हवा के कणों को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ कर उन्हें गैर हानिकारक तत्वों में बदल जाते हैं. वैसे तो आमतौर पर भी एक पौधा इस प्रक्रिया से गुजरता है लेकिन इस प्रक्रिया में लंबा समय लगता है. यहीं से हमारा काम शुरू होता है क्योंकि हम इसी प्रकिया की गति को बढ़ा देते हैं.

अर्बन मुन्नार इफेक्ट' क्या है?
ये टेक्नोलॉजी हवा को शुद्ध करने वाले प्राकृतिक पत्तेदार पौधे के माध्यम से काम करती है। कमरे की हवा, पत्तियों के साथ संपर्क करती हैं और पौधों की जड़ों के आस पास पड़ी मिट्टी में फैल जाती है, जहां अधिकतम प्रदूषक शुद्ध होते हैं। इसमें इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक 'अर्बन मुन्नार इफेक्ट' के साथ-साथ पेटेंट-वेटिंग "ब्रीदिंग रूट्स" के साथ पौधों की फाइटोरेमेडिएशन प्रक्रिया को तेजी से बढ़ाता है। Ubreathe Life’ इंडोर एयर क्वालिटी को कमरे के भीतर मौजूद पार्टिकुलेट मैटर, गैस और बायोलॉजिकल कंटेमिनेंट को हटाकर ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाता है। इसके लिए खास किस्म के पौधे, UV डिसइन्फेक्शन, प्री-फिल्टर के बंच, चारकोल फिल्टर और हाई इफिशियंसी पार्टिकुलेट एयर का इस्तेमाल किया जाता है। इन सारी चीजों को एक खास तरह से डिजाइन किए गए लकड़ी के बक्से में इंस्टॉल किया जाता है।

कितनी है इसकी क्षमता?
ब्रीद लाइफ का इस्तेमाल करने के बाद 150 वर्गफीट क्षेत्र वाले किसी कमरे का एक्यूआई (AQI)15 मिनट में 311 के स्तर से गिर कर 39 तक हो जाता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि यूब्रीद लाइफ गेम चेंजर साबित हो सकता है. एयर प्यूरीफायर के लिए पेंटेंट लेने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है.

दूसरे प्यूरीफायर से कितना अलग और क्यों?
मार्केट में मिलने वाले दूसरे एयर प्यूरीफायर की सबसे बड़ी कमी यही है कि इनके फिल्टर्स बहुत जल्दी खराब हो जाते हैं. एक तरह से देखें तो हम अपने घर की धूल मिट्टी इकट्ठा करके उसे पर्यावरण को ही वापस दे रहे हैं. इससे भी खराब बात यह है कि एयर प्यूरीफायर के हेपा फिल्टर को डिग्रेड होने में ही 30 से 40 साल का समय लगता है यानी कि एक समस्या को सुलझाने के लिए अब दूसरी समस्या खड़ी कर रहे. लेकिन यू ब्रीद के फिल्टर को बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

इसकी क्षमता कितनी है?
इसे इस तरह से समझा जा सकता है कि यदि हम एक पौधा यू ब्रीद की मशीन में लगाएंगे, तो एक कमरे में रखे 500 पौधों के बराबर का होगा. यानी कि उस कमरे की हवा को जो 500 पौधे शुद्ध करेंगे. वही काम यू वृत्त की इस नेचुरल परिवार से हो सकेगा.

जीरो कार्बन फुटप्रिंट
इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी भी तरह का कोई कार्बन फुटप्रिंट नहीं है. वायु प्रदूषण महज वायु के कारण नहीं है लेकिन ऐसे कई हानिकारक तत्व मौजूद हैं जो हमारी सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक है. हमारे प्रोडक्ट में wide spectrum को कवर किया जाता है जिसमें UV rays को भी फिल्टर आउट किया जाता है.