Maha Kumbh Viral Girl Monalisa with Farhan
Maha Kumbh Viral Girl Monalisa with Farhan
प्रयागराज के कुंभ मेले में अपनी आंखों की वजह से वायरल हुई माला बेचने वाली लड़की मोनालिसा लगातार सुर्खियों में है. मोनालिसा की एक बार भी चर्चा हो रही है. मोनालिसा की शादी और उम्र विवाद कोर्ट तक पहुंच गया है. मोनालिसा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और अपने पति पर लगे अपहरण के मामले को चुनौती दी है.
हाईकोर्ट पहुंची वायरल गर्ल मोनालिसा-
प्रयागराज कुंभ मेले वायरल हुई महेश्वर की माला बेचने वाली लड़की अब एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार मामला प्रेम विवाह और उम्र विवाद का है, ये मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया है. वायरल गर्ल ने अपने पति फरमान खान के खिलाफ दर्ज अपहरण के मामले को चुनौती देते हुए इंदौर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
bयाचिका में दावा किया गया है कि उसकी वास्तविक जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 है, जबकि उसके पिता के द्वारा रिकॉर्ड में 1 जनवरी 2009 बताकर उसे नाबालिग दिखाया गया. दरअसल खरगोन जिले के महेश्वर की रहने वाली यह युवती प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेले के दौरान माला बेचते हुए वायरल हुई थी. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद वह रातों-रात चर्चा में आ गई थी. उसे फिल्म का ऑफर भी मिला था.
कैसे हुई थी मोनालिसा की शादी?
बताया जा रहा है कि फिल्म की शूटिंग के दौरान उसकी मुलाकात यूपी के बागपत निवासी फरमान खान से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए. इसके बाद 11 मार्च 2026 को दोनों ने तिरुवनंतपुरम स्थित अरूमानूर श्री नैनार देवा मंदिर में विवाह कर लिया. इधर, लड़की के पिता ने महेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी नाबालिग है और फरमान खान उसे बहला-फुसलाकर ले गया और अपहरण कर शादी की है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने फरमान खान के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी.
मामले में आया नया मोड़-
अब इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया, जब वायरल गर्ल की ओर से अधिवक्ता बीएल नागर ने इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की. याचिका में मध्य प्रदेश शासन, डीजीपी मध्य प्रदेश, डीजीपी केरल और युवती के पिता को पक्षकार बनाया गया है. याचिका में दावा किया गया है कि युवती की वास्तविक जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 है और इसी आधार पर उसके आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बने हुए हैं. साथ ही आरोप लगाया गया है कि 1 जनवरी 2009 की जन्मतिथि वाला प्रमाण पत्र गलत तरीके से तैयार किया गया है. याचिका में मांग की गई है कि सक्षम अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, वास्तविक जन्म प्रमाण पत्र सामने लाया जाए और मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं.
(धर्मेंद्र शर्मा की रिपोर्ट)
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