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अन्ना हजारे से लेकर निर्भया इंसाफ आंदोलन तक... जंतर-मंतर के 5 बड़े प्रदर्शन

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन चल रहा है. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनशन पर हैं. हालांकि उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अक्सर जंतर-मंतर प्रदर्शनों की वजह से चर्चा में रहता है. चलिए आपको जंतर-मंतर पर हुए 5 बड़े प्रदर्शनों के बारे में बताते हैं.

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प्रदर्शनों के लिए मशहूर जंतर-मंतर एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रदर्शन कर रही है. मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम  वांगचुक भूख हड़ताल पर हैं. हालांकि दिल्ली पुलिस ने उनको अस्पताल में भर्ती कराया है. सीजेपी ने संसद मार्च निकाला. जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की हुई. लाठीचार्ज हुआ. कई लोगों को चोटें आई हैं. इसके बाद एक बार फिर  जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी जुट गए हैं. चलिए आपको जंतर-मंतर पर अब तक हुए 5 बड़े प्रदर्शनों के बारे में बताते हैं.

अन्ना हजारे का प्रदर्शन-
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने साल 2011 में 5 अप्रैल को करप्शन के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था. इस आंदोलन की शुरुआत जंतर-मंतर पर हुई थी. इस आंदोलन को जनसमर्थन खूब मिला. जब ज्यादा समर्थक जंतर-मंतर पर आने लगे तो इस आंदोलन को रामलीला मैदान में शिफ्ट कर दिया गया. अन्ना हजारे की मांग थी कि जनलोकपाल बिल लाया जाए. एक ऐसा कानून, जो हर करप्ट नेता, हर कप्ट अधिकारी पर लागू होता. अन्ना हजारे के 12 दिन के भूख हड़ताल ने यूपीए सरकार को घुटनों पर ला दिया था.

निर्भया न्याय आंदोलन-
साल 2012 में दिल्ली में एक दर्दनाक घटना हुई थी. एक लड़की से गैंगरेप किया गया था और उसे मारने की कोशिश की गई थी. इसके बाद दिल्ली में युवाओं का गुस्सा भड़क उठा. बड़े पैमाने पर प्रदर्शन होने लगे. ये आंदोलन जंतर-मंतर से लेकर इंडिया गेट तक हुए. इस आंदोलन में जनसमर्थन बढ़ता गया. जिसके बाद यूपीए सरकार ने निर्भया कानून बनाया. 3 अप्रैल 2013 को यह कानून लागू किया गया.

महिला पहलवानों का विरोध प्रदर्शन-
महिला पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया. इस आंदोलन की वजह से जंतर-मंतर एक बार फिर सुर्खियों में आया. महिलाओं का प्रदर्शन दो चरण में हुआ. पहले चरण में ये प्रदर्शन 18 जनवरी 2023 से 21 जनवरी 2023 तक चला. जबकि दूसरे चरण में ये आंदोलन 23 अप्रैल से 15 जून 2023 तक चला. 

OROP आंदोलन-
साल 2015 में उस वक्त एक बार फिर जंतर-मंतर सुर्खियों में आया. जब वन रैंक वन पेंशन को लेकर आंदोलन शुरू हुआ. देशभर के पूर्व सैनिकों ने 14 जून से जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया. इसमें पूर्व सैनिकों की मांग थी कि पेंशन का लाभ बिना किसी भेदभाव के मिलना चाहिए. उनका कहना था कि वन रैंक के लिए एक पेंशन होना चाहिए.

CAA के खिलाफ प्रदर्शन-
साल 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुए थे. लाल किले और मंडी हाउस के पास धारा 144 लागू होने के बाद छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर जमा हुए थे.

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