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Jhansi News: ट्रेन में पूरा परिवार करता था चोरी... नींद में यात्रियों के सामान पर करते थे हाथ साफ... गुजरात से आते थे वारदात करने... पति-पत्नी समेत 7 शातिर जीआरपी के हत्थे चढ़े

झांसी जीआरपी ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो पति-पत्नी और रिश्तेदारों के साथ परिवार की तरह ट्रेनों में सफर करता था और मौका मिलते ही यात्रियों के बैग से मोबाइल, नकदी और जेवरात पार कर देता था. गिरोह के सदस्य ट्रेन में यात्रियों के बीच घुल-मिलकर चलते थे. महिलाओं के बैग और सामान पर विशेष नजर रखी जाती थी. 

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Accused in police custody Accused in police custody

ट्रेन में सफर करने वाले यात्री अपने आसपास बैठे किसी परिवार पर जल्दी भरोसा न करें, यदि आप ऐसा करेंगे यह भारी पड़ सकता है. जी हां, झांसी जीआरपी ने ऐसे एक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो पति-पत्नी और रिश्तेदारों के साथ परिवार की तरह ट्रेनों में सफर करता था और मौका मिलते ही यात्रियों के बैग से मोबाइल, नकदी और जेवरात पार कर देता था. जीआरपी ने मंगलवार को गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इनमें चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं. सभी आरोपी गुजरात के भावनगर जिले के पालीताना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं.

पुलिस के मुताबिक, गिरोह की खास रणनीति यह थी कि महिलाएं और पुरुष साथ-साथ ट्रेन में सफर करते थे, जिससे देखने वालों को वे सामान्य परिवार नजर आएं और किसी को उनके इरादों पर शक न हो. भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म और चलती ट्रेनों में गिरोह के सदस्य यात्रियों पर नजर रखते थे. खासकर ऐसे यात्री इनके निशाने पर रहते थे, जो सीट पर सो जाते थे या जिनके बैग उनके पास रखे होते थे.

माल गोदाम के पास पटरी किनारे घेराबंदी कर दबोचा
झांसी जीआरपी को गिरोह की गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने झांसी रेलवे स्टेशन यार्ड में माल गोदाम की तरफ बने ग्रुप-डी गेस्ट हाउस के पीछे पटरी के पास घेराबंदी की. पुलिस ने मौके से सातों आरोपियों को पकड़ लिया. पूछताछ में उनके झांसी के अलावा दूसरे रेलवे रूटों पर भी यात्रियों को निशाना बनाने की जानकारी सामने आई है. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके पूरे नेटवर्क और पुराने मामलों का रिकॉर्ड खंगाल रही है. जीआरपी यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने झांसी के अलावा दूसरे रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है.

महिलाओं को बनाते थे खास निशाना
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य ट्रेन में यात्रियों के बीच घुल-मिलकर चलते थे. महिलाओं के बैग और सामान पर विशेष नजर रखी जाती थी. जब महिला यात्री सो जाती या उसका ध्यान दूसरी तरफ होता, तभी मौका देखकर बैग खोलकर उसमें रखे जेवरात और अन्य कीमती सामान निकाल लिया जाता था. चोरी करने के बाद जेवरों को बेचने अथवा अपने ठिकाने तक पहुंचाने की बात भी पुलिस पूछताछ में सामने आई है. जीआरपी के मुताबिक, आरोपी मुख्य रूप से झांसी से आगरा, मथुरा, हाथरस और बरेली की ओर जाने वाली ट्रेनों में सक्रिय रहते थे. कभी-कभी अयोध्या की तरफ जाने वाली ट्रेनों में भी वारदात करने की बात सामने आई है.

सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार
गिरफ्तार आरोपियों में कृष्णा अमर भाई (20), अमर भाई (45), मनोज भाई (45), सोलंकी अमित दिलीप भाई (34), संगीता (42), ज्योति (42) और ऊषा (32) शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं और गुजरात के भावनगर जिले के पालीताना क्षेत्र के रहने वाले हैं. जीआरपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ झांसी जीआरपी थाने में चोरी से संबंधित दो मुकदमे दर्ज हैं. अब दूसरे जिलों और राज्यों के रेलवे थानों से भी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है.

सोने-चांदी के जेवर और नकदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो कड़े, एक मंगलसूत्र, एक अंगूठी और करीब पांच हजार रुपए नकद बरामद किए हैं. जीआरपी बरामद जेवरात को पहले दर्ज चोरी के मामलों से जोड़कर देख रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सामान किन यात्रियों का है और इनसे जुड़ी अन्य घटनाओं का कोई रिकॉर्ड मौजूद है या नहीं.

कई रेलवे रूटों पर फैले नेटवर्क की जांच
सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जीआरपी की जांच का दायरा बढ़ गया है. पुलिस यह पता लगा रही है कि गुजरात से झांसी आने वाला यह गिरोह केवल झांसी और आसपास के रेल मार्गों तक सीमित था या देश के दूसरे रेलवे स्टेशनों पर भी इसी तरीके से यात्रियों को निशाना बनाता था. पुलिस आरोपियों से उनके पुराने ठिकानों, चोरी के माल को खपाने वाले लोगों और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में भी पूछताछ कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद चोरी की और घटनाओं का खुलासा हो सकता है.

क्या बोले एसपी जीआरपी 
एसपी जीआरपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यात्रियों के सामान और जेवरात चोरी करने वाले सात पुरुष-महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों के पास से मंगलसूत्र, सोने के दो कड़े, अंगूठी और नकदी बरामद हुई है. पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी परिवार की तरह ट्रेनों में सफर करते थे और खासकर महिलाओं के बैग से जेवरात चोरी करते थे. चोरी के बाद जेवर बेच दिए जाते थे या सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचा दिए जाते थे. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने झांसी के अलावा और किन-किन रेलवे स्टेशनों तथा ट्रेनों में वारदात की है.