विरोध करते प्रदर्शनकारी
विरोध करते प्रदर्शनकारी
झारखंड में 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है. यूनियन ने गुरुवार रात 8 बजे से 17 अक्टूबर की सुबह 8 बजे तक, यानी 40 घंटे तक काम ठप रखने की घोषणा की थी. उनका आंदोलन गुरुवार रात से शुरू हो चुका है, यानी सरकारी एम्बुलेंस की सुविधा जिसे डायल 108 एम्बुलेंस भी कहा जाता है वो ठप है. ऐसे में मरीज और मरीज के परिजन जो दूर-दराज से शहरों में इलाज के लिए एम्बुलेंस से पहुंचते हैं उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं.
नौकरी से निकाले गए कर्मचारी वापस लाने की मांग
कर्मचारी आज यानी शुक्रवार को NHM ऑफिस के सामने दिन भर का विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वे नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को वापस काम पर रखने और बकाया वेतन के भुगतान की मांग कर रहे हैं. राज्य के लगभग 2500 कर्मचारी, लगभग 500 की संख्या में सरकार द्वारा संचालित 108 एम्बुलेंस में काम करते हैं. प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारी NHM मुख्यालय के सामने नारे लगा रहे हैं और विरोध कर रहे हैं.
जब तक समाधान नहीं, प्रदर्शन नहीं रुकेगा
कर्मचारियों का कहना है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो आंदोलन का अगला चरण 21 अक्टूबर, 2026 से शुरू होने वाली राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी. कर्मचारियों ने सरकार पर उनकी मांगों को नज़रअंदाज करने का आरोप लगाया है और समाधान निकलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है.
जुलाई से नहीं मिल रहा वेतन, सैलरी बढ़ाई जाने की मांग
झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नीरज तिवारी ने बताया कि बीते जुलाई से उन्हें वेतन सर्विस प्रोवाइड करने वाली संस्था नहीं दे रही है. उनसे 12-12 घंटे काम लिया जाता है, लेकिन भुगतान किसी को ₹99 तो किसी को ₹700, इस प्रकार दिया जाता है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उनका वेतन कम से कम ₹18,000 किया जाए.
केवल एक शिकायत पर दिया जाता है निकाल
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक एम्बुलेंस पर ड्यूटी में ड्राइवर , अटेंडेंट, EMT यानी इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन की ड्यूटी होती है, लेकिन किसी एक भी शिकायत पर उन्हें हटा दिया जाता है. विरोध प्रदर्शन पर बैठे लोगों का कहना है कि एक प्रकार की शिकायतों से कम से कम 50 कर्मचारी निकाले जा चुके हैं. उनको बर्खास्त किया जा चुका है.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये एमरजेंसी एम्बुलेंस सेवा 'सम्मान फाउंडेशन' द्वारा संचालित है. खराब सर्विस के चलते मई में ही उसके सेवाओं को समाप्त करने की चिट्ठी निकाल दी गई थी. लेकिन अभी तक वही संस्था सेवा दे रही है.