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Kanpur News: सावधान! आप भी तो नहीं खा रहे चमड़ा रंगने वाले केमिकल से रंगा चना? कानपुर में 1200 बोरियां की गईं नष्ट

कानपुर में खाद्य विभाग ने चमड़ा रंगने वाले ओरामिन डाई केमिकल से रंगे 36 क्विंटल मिलावटी चने को नष्ट कराया है. कोर्ट के आदेश पर 1200 बोरियों को डंपिंग यार्ड में नष्ट किया गया. डॉक्टरों के मुताबिक, यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है.

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food department destroys adulterated chana food department destroys adulterated chana

चना जोर गरम... एक फिल्म का यह डायलॉग गली-मोहल्लों और सड़कों पर चना बेचने वालों की याद दिलाता है. चना बेचने वाले गुनगुनाते हुए लोगों को भुना चना बेचते हैं. लेकिन चना खाने वालों को अब थोड़ा सावधान और अलर्ट रहने की जरूरत है, क्योंकि कहीं-कहीं चना चमड़ा रंगने वाले कलर ओरामिन डाई से रंगा हुआ हो सकता है. कानपुर फूड विभाग ने ऐसे ही रंगे हुए चने की 1200 से ज्यादा बोरियों को नष्ट कराया है. इन बोरियों में 36 कुंतल से ज्यादा चना भरा हुआ था. इस चने को करीब एक साल पहले फूड विभाग ने सील किया था. इसके बाद इसके सैंपल की जांच कराई गई, जिसमें चने को चमड़ा रंगने वाले कलर ओरामिन डाई से रंगे जाने की बात सामने आई.

दिसंबर 2025 में गोदाम पर पड़ा था छापा
कानपुर फूड विभाग ने दिसंबर 2025 में बिनगवां में बाबा बैजनाथ ट्रेडर्स के चने के गोदाम पर छापा डाला था. यहां 36 कुंतल से ज्यादा चने से भरी 1200 से ज्यादा बोरियां मिली थीं. चना काफी चमकदार था, जिस पर फूड विभाग को मिलावट का शक हुआ. इसके बाद चने का सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ की लैब में भेजा गया. अब इसकी रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें चने में चमड़ा रंगने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला ओरामिन डाई कलर पाया गया.

इस मामले का मुकदमा कानपुर की एमएम न्यायालय प्रथम में चल रहा था. सोमवार को अदालत ने चने को मिलावटी और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हुए इसे नष्ट करने का आदेश दिया.

1200 बोरियों में भरा था 36 कुंतल से ज्यादा चना
कानपुर के फूड अधिकारी संजय प्रताप सिंह ने बताया कि फूड अधिकारी धर्मेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक समिति ने नगर निगम के डंपिंग यार्ड में 36 कुंतल से ज्यादा चने की 1200 बोरियों को नष्ट कर दिया. उनके मुताबिक, यह चना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक था. मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. जीएस कुशवाहा का कहना है कि यह चना खाने से उल्टी और दस्त शुरू हो सकते थे. ज्यादा मात्रा में खाने पर इससे लीवर और किडनी पर असर होना स्वाभाविक था.
 

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