
राखियों से सजे बाजार
राखियों से सजे बाजार
रक्षाबंधन का पर्व भाई बहन के रिश्ते की पहचान माना जाता है. इस दिन बहन राखी का धागा बांधकर भाई से अपनी रक्षा का प्रण लेती है. वैसे तो भाई-बहनों के प्यार और कर्तव्य को निभाने का एक दिन निश्चित नहीं है. लेकिन धार्मिक और ऐतिहासिक तौर पर रक्षाबंधन के दिन को भाई बहन के अटूट बंधन को समर्पित किया गया है. इस बार रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार 28 अगस्त देश भर में धूमधाम से मनाया जाएगा.
कर्ण की नगरी करनाल के मुख्य कर्ण गेट बाजार में हर तरफ राखियां लगी हुई है, जिस कारण बाजारों में रौनक का माहौल बना हुआ है. बाजार इन दिनों तरह-तरह की राखियों से सजे हुए हैं. एक से एक सुंदर राखी नजर आ रही है. वहीं बाजार में राखियां खरीदने आई बहनों ने बताया की हम अपने भाइयों के लिए राखियां लेने के लिए आई है, हमें बहुत अच्छा लगता है जब हम अपने भाई की कलाई पर उसकी लम्बी उम्र के लिए राखी बांधती हैं. इस भागदौड वाली जिन्दगी में कुछ त्योहार ही ऐसे रह गए हैं जिन्हें हम अपने परिवार के साथ मनाते है.

रक्षाबंधन को देखते हुए बाजार में फैंसी और जरकन वाली राखियां ज्यादा पसंद की जा रही हैं. नन्हें मुन्ने बच्चों के लिए भी विशेष क्रेजी लुक वाली राखियां मौजूद हैं, जो दिखने में बेहद ही आकर्षक है. इन राखियों में गूगल विद राखी, छोटा भीम, डोरेमोन, सॉफ्ट टॉय, एंगरी बर्ड, पू, स्माइली, पांडा और अन्य क्रेजी स्टाइल मौजूद है.

बाजार में अपने भाई के लिए राखी खरीदने पहुंची मानसी बताती हैं कि राखी आते ही वह अपने भाई को काफी मिस करते हैं क्योंकि उनका भाई विदेश में है. रक्षाबंधन पर वो खुद अपने भाई को राखी नही बांध सकती. वह कहती हैं कि लेकिन ये भी खुशी की बात है वो अपने भाई के लिए विदेश में राखी भेज सकती है. उन्होंने कहा कि बाजार में इस बार काफी सुंदर-सुंदर राखियां आई हैं. बहनें अपने भाईयों के लिए राखियां खरीद सकती है. उन्होंने कहा बच्चों के लिए भी बाजार में राखियां काफी सुंदर-सुंदर है.