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बेगुनाह का गुनहगार कौन? जिंदा मिली 10 महीने पहले मृत महिला, हत्याकांड में जेल में बंद है चचेरा देवर

बिहार के कटियार में एक अनोखा मामला सामने आया है. एक शख्स पिछले 10 महीने से एक महिला के हत्या के आरोप में जेल में बंद है. लेकिन अब वो महिला बरामद कर ली गई है. अब सवाल उठ रहा है कि आखिर जेल में बंद बेगुनाह का गुनहगार कौन है?

Katihar News Katihar News

बिहार के कटिहार जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 10 महीने पहले गायब हुई महिला अचानक बरामद हो गई. इस महिला को अगवा करने और उसकी हत्या के आरोप में उसका चचेरा देवर 10 महीने से जेल में बंद है. इस खुलासे के बाद पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

10 महीने से गायब थी लक्खी देवी-
10 महीना पूर्व लक्खी देवी अचानक से गायब हो गई थी, परिजनों ने लक्खी का अपहरण कर हत्या करने का आरोप लगाया था, आरोप लक्खी के चचेरे देवर पर लगाया गया था. इस आरोप में पुलिस ने देवर राजेश कुमार यादव को जेल भेज दिया था. जो अभी तक लक्खी देवी के अपहरण और हत्या करने के आरोप में जेल में बंद है. इधर, 10 महीने बाद कटिहार के सुधानी थाना क्षेत्र के दोगज गांव से लक्खी देवी जिंदा बरामद हो गई है. कटिहार पुलिस अब जिंदा लक्खी देवी को आजमनगर थाना ले आई है. घटना कटिहार जिला में आजमनगर थानाक्षेत्र के कुशहा गांव की है.

हत्या के आरोप में जेल में बंद है देवर-
कटिहार पुलिस ने 10 महीने बाद बरामद लक्खी देवी को कटिहार न्यायालय में पेश करते हुए इसके जीवित होने का बयान दर्ज करवाया है. अब लक्खी देवी का अपहरण करने और इसके बाद इसकी हत्या करने के जुर्म में बंद देवर राजेश कुमार यादव को लेकर पुलिस अनुसंधान में चूक माना जा सकता है. हालांकि लक्खी के वापसी पर पुलिसिया अनुसंधान शुरू हो गया है.

दोषियों पर होगी कार्रवाई- पुलिस
इधर, परिजन और ग्रामीणों ने लक्खी देवी हत्याकांड में आरोपी राजेश कुमार यादव को निर्दोष बताते हुए उसे फंसाने की बात कही है और मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.

पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कटिहार के SP शिखर चौधरी ने कहा है कि 10 महीना पूर्व में लक्खी देवी का अपहरण करने और फिर इसकी हत्या करने की पुष्टि करने वाले अनुसंधानकर्ता की जांच की जा रही है, पुलिस अधिकारी की लापहरवाही सामने आने पर कारवाई करने और परिजन के द्वारा लक्खी देवी की झूठी हत्या किए जाने पर चचेरे देवर राजेश कुमार यादव को हत्यारोपी बनाने की गलत लिखित सूचना देने वाले सूचक पर भी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है.

राजेश का गुनहगार कौन?
यहां तक तो ठीक है, लेकिन 10 महीने से जेल में रह रहे निर्दोष शख्स राजेश कुमार यादव पुलिस के लापरवाही का नतीजा है? कटिहार पुलिस का ऐसा रवैया सफल पुलिसिंग पर सवाल करता है और लक्खी देवी का घर से गायब रहना, राजेश कुमार यादव को हत्या के झूठे केस में फंसाना, वजह क्या होगी?

(बिपुल राहुल की रिपोर्ट)

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