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लोहागढ़ की खाई में छिपा था मर्डर मिस्ट्री का राज! सिया ने केतन को किले पर बुलाया, 350 फीट गहरी खाई से धक्का दे दिया...पढ़े पुणे मर्डर केस की पूरी कहानी

परिजनों के मुताबिक 19 जून को सिया का जन्मदिन था. उसने जन्मदिन मनाने की जिद करते हुए 18 जून को केतन को लोहागढ़ किले चलने के लिए राजी किया. सुबह दोनों वहां के लिए निकले. करीब 10:45 बजे परिवार को फोन आया कि केतन खाई में गिर गया है.

Ketan Vishal Agarwal (left), his fiancee, Siya Goyal (centre), Siya's alleged lover Chetan Chaudhary (Right) Ketan Vishal Agarwal (left), his fiancee, Siya Goyal (centre), Siya's alleged lover Chetan Chaudhary (Right)

पुणे के मशहूर लोहागढ़ किले की 350 फीट गहरी खाई में गिरकर 24 वर्षीय केतन विशाल अग्रवाल की मौत की खबर ने लोगों को हैरान कर दिया था. परिवार, रिश्तेदार और दोस्त यही मान रहे थे कि फोटो खींचने के दौरान पैर फिसलने से केतन की मौत हुई. लेकिन कुछ दिनों बाद पुलिस जांच ने ऐसी कहानी उजागर की, जिसने इस मामले को एक सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री में तब्दील कर दिया.

पुलिस का दावा है कि केतन की मौत हादसा नहीं, बल्कि सोची समझी हत्या थी. आरोप है कि यह साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर रची थी.

शादी की तैयारियां चल रही थीं
केतन और सिया की शादी परिवारों की सहमति से तय हुई थी. फरवरी में रोका हो चुका था और 25 नवंबर को जयपुर में लग्जरी डेस्टनेशन वेडिंग की तैयारी चल रही थी. अग्रवाल परिवार ने शादी के लिए महल तक बुक कर लिया था. बाहर से सब कुछ परफेक्ट दिखाई दे रहा था. दोनों साथ घूमते थे, तस्वीरें शेयर करते थे और परिवार को लगता था कि दोनों का रिश्ता मजबूत है. लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि सिया इस शादी से खुश नहीं थी. उसका कथित प्रेम संबंध चेतन चौधरी से था.

जन्मदिन मनाने के बहाने बुलाया
परिजनों के मुताबिक 19 जून को सिया का जन्मदिन था. उसने जन्मदिन मनाने की जिद करते हुए 18 जून को केतन को लोहागढ़ किले चलने के लिए राजी किया. सुबह दोनों वहां के लिए निकले. करीब 10:45 बजे परिवार को फोन आया कि केतन खाई में गिर गया है. जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, उसकी मौत हो चुकी थी. शुरुआती जानकारी में इसे दुर्घटना बताया गया. लेकिन परिवार को शुरू से ही इस कहानी पर भरोसा नहीं हुआ.

14 जून को भी हुई थी हत्या की कोशिश?
केस में सबसे चौंकाने वाला दावा केतन के परिवार ने किया है. परिजनों का आरोप है कि घटना से चार दिन पहले, यानी 14 जून को भी सिया केतन को उसी लोहागढ़ किले पर लेकर गई थी. परिवार के मुताबिक उस दिन सिया ने कथित तौर पर केतन को पीछे से धक्का दिया था. धक्का लगने के बाद वह खाई की तरफ फिसल गया, लेकिन उसका हाथ झाड़ियों में फंस गया और जान बच गई. आरोप है कि इसके बाद सिया ने 'सांप आया, सांप आया' चिल्लाते हुए पूरी घटना को हादसे जैसा दिखाने की कोशिश की.

डेडबॉडी देख चेहरे पर नहीं दिखा दुख
केतन के पिता और अन्य परिजनों का कहना है कि बेटे की मौत के बाद सिया का व्यवहार उन्हें असामान्य लगा. उनका दावा है कि जब शव घर लाया गया, तब उसके चेहरे पर न दुख था और न ही शोक के कोई भाव. परिवार का कहना है कि उसी समय उनके मन में शक और गहरा हो गया था कि मामला सिर्फ हादसा नहीं हो सकता.

पुलिस जांच में आया नया मोड़
परिवार के लगातार दबाव के बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की. जांच के दौरान कथित प्रेम संबंध, कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की गई. इसके बाद पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया. लोनावला ग्रामीण पुलिस ने आगे की जांच के लिए दोनों की पुलिस कस्टडी मांगी, जिसे वडगांव अदालत ने मंजूर कर लिया. अदालत ने दोनों आरोपियों को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

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