भारतीय रेलवे (File Photo)
भारतीय रेलवे (File Photo)
निजी टूर ऑपरेटर (Private tour operators) अब रेलवे (Indian Railways) से ट्रेनें लीज पर ले सकते हैं. जी हां, मंगलवार को शुरू की गई ‘भारत गौरव’ (Bharat Gaurav Trains) नाम की एक नई योजना के तहत निजी टूर ऑपरेटर भारतीय रेलवे से लीज पर ट्रेनें ले सकते हैं और उन्हें अपनी पसंद के किसी भी सर्किट पर चला सकते हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे लॉन्च करते हुए कहा कि यह भारतीय रेलवे में एक नया सेगमेंट होगा.
उन्होंने कहा, “अभी तक हमारे पास केवल माल ढुलाई और यात्री सेगमेंट ही थे. ‘भारत गौरव’ ट्रेन सेवाओं में एक और नया सेगमेंट होगा. हमारे देश में इतनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है. ये ट्रेनें पर्यटकों को सांस्कृतिक विरासत वाले स्थानों का अनुभव करने के लिए ले जाने के लिए हैं.”
बनाये जायेंगे 3 हजार से अधिक ICF कोच
आपको बता दें, रेलवे ने इस नयी योजना के लिए 3,033 आईसीएफ (Integral coach factory)कोच निर्धारित किए हैं, जिसमें लगभग 150 ट्रेनों का इस्तेमाल किया जायेगा. सोसाइटी, ट्रस्ट, कंसोर्टिया और यहां तक कि राज्य सरकारों से कोई भी इन ट्रेनों को लेने के लिए अप्लाई कर सकता है और उन्हें थीम पर आधारित स्पेशल टूरिज्म सर्किट (Special tourism circuit) पर चला सकता है.
थीम बेस्ड चलाई जाएंगी ट्रेनें, यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
रेलवे ने अपने एक बयान में कहा कि थीम बेस्ड टूरिज्म से, रेलवे का मतलब गुरु कृपा जैसी ट्रेन हैं जो गुरु नानक से संबंधित सभी स्थानों पर जाती हैं या रामायण-थीम वाली ट्रेन भगवान राम से संबंधित स्थानों पर जाती हैं.
रेलवे मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस रिलीज़ के अनुसार, पर्यटकों को इसमें रेल यात्रा, होटल विश्राम, दृश्य देखने की व्यवस्था, ऐतिहासिक/ विरासत स्थलों का भ्रमण, टूर गाइड आदि सहित सभी को मिलाकर एक पैकेज दिया जायेगा. इसके साथ जो भी सर्विस प्रोवाइडर्स होंगे वह अपने हिसाब से पैकेज की लागत निर्धारित करने के लिए स्वतंत्र होंगे.
अपने हिसाब से चुन सकेंगे कोच
आपको बता दें, ग्राहकों के लिए लग्जरी, बजट आदि अलग-अलग कोच होंगे, यात्री अपने हिसाब से इसे चुन सकेंगे. वहीं, विषय आधारित कोचों के डिजाइन/ आंतरिक साज सज्जा के लिए भी सर्विस प्रोवाइडर्स स्वतंत्र होंगे. मंत्रालय द्वारा यह भी कहा गया है कि ट्रेन के भीतर और बाहर दोनों जगह ब्रांडिंग और विज्ञापन के लिए अनुमति होगी. आपको बताते चलें कि ट्रेन में 2 एसएलआर (गार्ड वैन) सहित 14 से 20 कोच शामिल होंगे
भविष्य में किया जायेगा वन्दे भारत जैसे कोच को शामिल
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि रेलवे ने हितधारकों से परामर्श किया है. भविष्य में वंदे भारत, विस्टाडोम और एलएचबी प्रकार के कोचों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है.
कैसे कर सकेंगे आवेदन?
गौरतलब हो कि कोई भी इच्छुक 1 लाख रुपये की वन टाइम फीस के साथ पंजीकरण करके ऑनलाइन आवेदन कर सकता है. योजना के मानदंडों के अनुसार, ऑपरेटर को दर्शनीय स्थलों की यात्रा, भोजन, स्थानीय परिवहन (टैक्सी आदि), स्टॉपओवर स्थानों पर होटल, जहाज पर मनोरंजन और ऐसी चीजों की पेशकश करनी होगी. ये व्यवस्था दो से 10 साल के लिए हो सकती है. ऑपरेटर को सिक्योरिटी के रूप में प्रति रेक के हिसाब से 1 करोड़ रुपये की जमानत राशि देनी होगी.
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