प्रद्योत किशोर माणिक्य देब बर्मा (Photo/Twitter)
प्रद्योत किशोर माणिक्य देब बर्मा (Photo/Twitter)
त्रिपुरा विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है. चुनावी मुकाबलों की तस्वीर साफ होने लगी है. शाही परिवार से आने वाले प्रद्योत किशोर माणिक्य देब बर्मा की पार्टी टिपरा मोथा ने 42 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. इस बार त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में प्रद्योत माणिक्य देब बर्मा टिपरा मोथा पार्टी के जरिए अलग राज्य का मुद्दा बुलंद कर रहे हैं. चलिए आपको शाही परिवार के वारिस की कहानी बताते हैं.
कौन हैं प्रद्योत माणिक्य देब बर्मा-
टिपरा मोथा पार्टी के अध्यक्ष प्रद्योत माणिक्य देब बर्मा शाही परिवार से आते हैं. वो औपचारिक तौर पर राजा हैं. उनके पिता किरीट बिक्रम किशोर देब बर्मा और उनकी मां बिभू कुमारी देवी है. 4 जुलाई 1978 को प्रद्योत माणिक्य देब बर्मा का जन्म दिल्ली में हुआ था और अब वो अगरतला में रहते हैं. उनका बचपन शिलांग, मेघालय और त्रिपुरा के महलों में बीता है. प्रद्योत की पढ़ाई-लिखाई शिलांग में हुई थी.
प्रद्योत माणिक्य का सियासी सफर-
प्रद्योत माणिक्य देब के सियासी सफर का आगाज कांग्रेस से हुआ. 25 फरवरी 2019 को उनको त्रिपुरा कांग्रेस का चेयरमैन चुन गया. लेकिन वो इस पद पर ज्यादा दिन तक नहीं रह सके और एनआरसी मुद्दे के चलते इस पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कुछ समय के लिए एक्टिव पॉलिटिक्स से ब्रेक ले लिया. लेकिन वो लगातार एनआरसी का विरोध करते रहे और समर्थन जुटाते रहे. माणिक्य देब ने साल 2021 तक चुनाव नहीं लड़ा. लेकिन वो लगातार सियासत में सक्रिय रहे. 2019 लोकसभा चुनाव में प्रद्योत माणिक्य देब ने अपनी बहन महाराज कुमारी प्रज्ञा देब बर्मा के लिए प्रचार किया. फिलहाल माणिक्य देब बर्मा TIPRA के चेयरमैन और त्रिपुरा रॉयल फैमिली के हेड हैं. देब बर्मा त्रिपुरा कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्रेटरी भी रहे हैं.
सियासत में माणिक्य परिवार-
त्रिपुरा की रियासत में माणिक्य राजवंश का शासन था. 15 अक्टूबर 1949 को रियासत का भारत में विलय हो गया. उस वक्त प्रद्योत माणिक्य के पिता किरीट बिक्रम माणिक्य त्रिपुरा के शासक थे. हालांकि वो उस वक्त नाबालिग थे. उसके बाद किरीट से कांग्रेस से सियासी पारी शुरू की. किरीट बिक्रम और उनकी पत्नी यानी प्रद्योत माणिक्य की मां बिभू कुमारी देवी कांग्रेस से सांसद चुने गए थे. किरीट बिक्रम 3 बार सांसद रहे थे, जबकि मां बिभू दो बार कांग्रेस विधायक और त्रिपुरा सरकार में मंत्री भी रहीं.
TIPRA की कहानी-
Tipraha Indigenous Progressive Regional Alliance एक सामाजिक संगठन था. लेकिन 5 फरवरी 2021 को प्रद्योत माणिक्य के पिता किरीट प्रद्योत देब ने इसे सियासी दल बनाने और 2021 का TTAADC लड़ने का ऐलान किया. ये दल टिपरा या टिपरा मोथा के नाम से भी जाना जाता है. इसका मांग ग्रेटर तिपरालैंड बनाने की है. साल 2021 में आईएनपीटी, टीएसपी और आईपीएफटी(टिपरा) का इसमें विलय हो गया. साल 2021 के TTAADC में शानदार प्रदर्शन किया और 16 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया.
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