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Nafe Singh Rathi: जाट समुदाय के कद्दावर लीडर, पूर्व विधायक, ILND प्रदेश अध्यक्ष... ऐसा रहा नफे सिंह राठी का सफर

इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी (Nafe Singh Rathi) हरियाणा (Haryana) के बहादुरगढ़ के जाटवाड़ा गांव के रहने वाले थे. वो बहादुरगढ़ (Bahadurgarh) से दो बार विधायक भी रहे थे. राठी की जाट समुदाय में बड़ी पकड़ थी. राठी को चौटाला परिवार (Chautala Family) का करीबी माना जाता था. लेकिन साल 2019 में जब INLD में बिखराव हुआ तो राठी ने अभय चौटाला का साथ दिया था.

Nafe Singh Rathi Nafe Singh Rathi

हरियाणा के बहादुरगढ़ में इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. नफे सिंह हरियाणा की सियासत के एक चर्चित चेहरा थे. वो दो बार विधायक रह चुके थे. उनको पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला परिवार का करीबी माना जाता था. पूर्व एमएलए राठी जाटों के कद्दावर लीडर थे. चलिए उनके निजी जिंदगी से लेकर सियासी सफर तक के बारे में बताते हैं.

नफे सिंह राठी का सियासी सफर-
नफे सिंह राठी बहादुरगढ़ के जाटवाड़ा गांव के रहने वाले थे. उनकी पढ़ाई-लिखाई कुछ खास नहीं हुई थी. वो सिर्फ 10वीं तक पढ़े थे. उसके बाद वो सियासत में सक्रिय हो गए थे. जाट समुदाय में उनकी काफी पकड़ थी. नफे सिंह ने पहली बार समता पार्टी के टिकट पर साल 1996 में विधानसभा का चुनाव लड़ा था और बहादुरगढ़ सीट से जीत दर्ज की थी. वो इसी सीट से साल 2000 में दूसरी बार INLD से विधायक बने थे. नफे सिंह दो बार बहादुरगढ़ म्युनिसिपल काउंसिल के चेयरमैन बने थे. राठी ऑल इंडियान स्टाइल रेसलिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे हैं. उनको पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के परिवार का करीबी माना जाता था.

जाटों के कद्दावर लीडर थे राठी-
पूर्व विधायक नफे सिंह जाटों के कद्दावर लीडर माने जाते थे. उन्होंने साल 2009 में रोहतक से लोकसभा का चुनाव लड़ा था. उस चुनाव में उनको एक लाख 39 हजार वोट मिले थे. जबकि साल 2014 में आईएनएलडी ने टिकट देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद राठी ने पार्टी बदल ली थी और बीजेपी में शामिल हो गए थे. हालांकि बीजेपी ने भी उनको टिकट नहीं दिया था. इसके बाद वो निर्दलीय मैदान में उतरे थे.

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हरियाणा परिवर्तन यात्रा की कर रहे थे अगुवाई-
साल 2019 के चुनाव में आईएनएलडी में बिखराव हो गया. पूर्व सीएम ओपी चौटाला के बेटे अजय चौटाला ने जेजेपी पार्टी बना ली. लेकिन नफे सिंह राठी ने आईएनएलडी का साथ नहीं छोड़ा. वो पार्टी को मजबूत करने में जुटे रहे. अभय चौटाला ने नफे सिंह राठी को आईएनएलडी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया. फिलहाल राठी आईएनएलडी की हरियाणा परिवर्तन यात्रा की अगुवाई कर रहे थे.

करोड़ों के मालिक थे नफे सिंह-
साल 2019 विधानसभा चुनाव लड़ते समय नफे सिंह 18 करोड़ 67 लाख 13 हजार रुपए की संपत्ति के मालिक थे. उनपर 6 कोरड़ 96 लाख की देनदारी थी. जबकि साल 2014 में उनकी संपत्ति 10 करोड़ 36 लाख रुफए थी.

सुसाइड केस में आरोपी थे राठी-
11 जनवरी साल 2023 को भूतपूर्व मंत्री मांगेराम राठी के बेटे जगदीश नंबरदार ने खुदकुशी कर ली थी. इस मामले में पूर्व विधायक नफे सिंह राठी और उनके भांजे सोनू पर जगदीश नंबरदार को प्रताड़ित करने का आरोप लगा था. 24 जनवरी को राठी को जमानत मिल गई थी. इस मामले में जगदीश नंबरदार के भाई और बेटे की तरफ से राठी की जमानत रद्द करने की याचिका दायर की गई थी. पिछले साल अगस्त में इस मामले में हाईकोर्ट ने नफे सिंह राठी को नोटिस भेजा था.

इसके अलावा राठी पर बेईमानी से संपत्ति की डिलीवरी के लिए प्रेरित करने के दो आरोप लगे थे. इसके अलावा राठी के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात जैसे आरोप भी शामिल हैं.

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