Deepinder Goyal And Albinder Dhindsa
Deepinder Goyal And Albinder Dhindsa
भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक अहम बदलाव देखने को मिला है. इटनल लिमिटिड के ग्रुप सीईओ दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अब वे कंपनी में वाइस चेयरमैन की भूमिका निभाते हुए लंबी रणनीति, भविष्य की दिशा और बड़े फैसलों पर फोकस करेंगे. उनकी जगह अब कंपनी की कमान संभाल रहे हैं उनके करीबी दोस्त और ब्लिंकइट के सीईओ रहे अल्बिंदर ढिंडसा.
क्यों छोड़ा सीईओ का पद?
दीपिंदर गोयल ने करीब 18 साल पहले जोमैटो की शुरुआत की थी और इसे धीरे-धीरे एक मल्टी-बिजनेस ग्रुप में बदल दिया. अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि वे अब इटनल की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी पर ध्यान देना चाहते हैं. सीईओ की जिम्मेदारी छोड़ने के बाद भी वे कंपनी के बोर्ड में बने रहेंगे और फ्यूचर प्लानिंग की दिशा में काम करेंगे.
कौन हैं अल्बिंदर ढिंडसा?
अल्बिंदर ढिंडसा ब्लिंकइट के फाउंडर और सीईओ रहे हैं और उन्होंने ब्लिंकइट को भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ते क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म में बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है. इसके अलावा, वे दीपिंदर गोयल के पुराने दोस्त भी हैं, यानी नेतृत्व बदलाव के साथ कंपनी को एक भरोसेमंद और अनुभवी हाथ मिल गया है.
ढिंडसा की मजबूत नींव
अल्बिंदर ढिंडसा का एजुकेश्नल बैकग्राउंड पर काफी सॉलिड हैं. उन्होंने 2000 से 2004 के बीच IIT दिल्ली से B.Tech किया. इसके बाद उन्होंने Columbia Business School (New York) से MBA पूरा किया. यहां उन्होंने फाइनेंस, स्ट्रैटेजी और लीडरशिप की गहरी समझ हासिल की, जो आज उन्हें बड़े स्तर पर नेतृत्व के लिए तैयार करती है.
स्टार्टअप से पहले कॉरपोरेट दुनिया का अनुभव
स्टार्टअप शुरू करने से पहले ढिंडसा ने कंसल्टिंग और फाइनेंस सेक्टर में काम किया, जिससे उन्हें प्रोफेशनल स्ट्रक्चर और ऑपरेशन्स की मजबूत समझ मिली. वे यूआरएस कॉरपोरेशन, कैंब्रिज सिस्टेमैटिक्स और एक बैंक में काम कर इंटरनेशनल फाइनेंस, प्लानिंग और बिजनेस ऑपरेशन्स को नजदीक से समझा है.