Kullu Mid Day Meal Food Poisoning (AI MADE IMAGE)
Kullu Mid Day Meal Food Poisoning (AI MADE IMAGE)
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में पतलीकूहल स्थित बाड़ी प्राथमिक स्कूल में मिड-डे मील की खीर खाने के बाद 39 बच्चों की तबीयत बिगड़ने के मामले में स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है. बच्चों को उल्टी, दस्त और कुछ मामलों में बुखार की शिकायत हुई थी. अस्पताल में उपचार के बाद आज 15 बच्चों को छुट्टी दे दी गई है, जबकि बाकी बच्चों की हालत में भी सुधार बताया जा रहा है. पांच बच्चों को आगे की जांच के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू रेफर किया गया है.
बच्चों की मांग पर बनाई गई थी खीर
मंगलवार को स्कूल में बच्चों की मांग पर खीर तैयार की गई थी. स्कूल प्रबंधन के अनुसार उस दिन 43 बच्चे मौजूद थे. खीर खाने के कुछ घंटे बाद बच्चों की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई. कुछ बच्चों को स्कूल से छुट्टी के बाद रास्ते में उल्टियां हुईं, जबकि कई बच्चे घर पहुंचने के बाद बीमार पड़े. इसके बाद अभिभावकों और ग्रामीणों ने बच्चों को पतलीकूहल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया.
स्कूल पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल पहुंची और मिड-डे मील तैयार करने वाली जगह का निरीक्षण किया. टीम ने खीर में इस्तेमाल किए गए चावल और चीनी के सैंपल लिए हैं. पानी के सैंपल भी लिए गए हैं. इससे पहले आईपीएच विभाग की ओर से भी पानी के सैंपल लिए गए थे. सभी सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं.
स्कूल प्रबंधन से की गई पड़ताल
मैं इस वक्त कुल्लू के पतलीकूहल स्थित बाड़ी प्राइमरी स्कूल में हूं. यही वो स्कूल है, जहां बीते दिन मिड-डे मील की खीर खाने के बाद करीब 38 से 39 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी. बच्चों को उल्टी-दस्त और कुछ मामलों में बुखार की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें पतलीकूहल सीएचसी और जिला अस्पताल कुल्लू ले जाया गया. अब सवाल है कि आखिर खीर खाने के बाद इतनी बड़ी संख्या में बच्चे बीमार कैसे पड़े. इसी की पड़ताल के लिए हमने स्कूल प्रबंधन से बात की.
स्कूल प्रिंसिपल के मुताबिक, बच्चों की मांग पर मंगलवार को खीर बनाई गई थी. उस दिन स्कूल में 43 बच्चे मौजूद थे. खीर खाने के कुछ घंटे बाद दो बच्चों को उल्टी हुई, जबकि छुट्टी के बाद कई बच्चों की तबीयत रास्ते और घर पहुंचने पर बिगड़ने लगी. इसके बाद ग्रामीणों ने बच्चों को अस्पताल पहुंचाया. करीब 39 बच्चे पतलीकूहल सीएचसी पहुंचे, जिनमें से कुछ बच्चों को आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल कुल्लू रेफर किया गया.
चावल, दूध और चीनी से तैयार हुई थी खीर
मिड-डे मील तैयार करने वाली धनु देवी के मुताबिक, खीर में चावल, दूध और चीनी का इस्तेमाल किया गया था. पहले चावल पकाए गए और इसके बाद उसमें दूध और चीनी डाली गई. उनका कहना है कि उन्होंने और स्कूल के शिक्षकों ने भी यही खीर खाई थी. उनके मुताबिक, दूध गांव से मिला था, जबकि खीर बनाने के लिए पानी स्कूल के नल से लिया गया था. बच्चों के बीमार पड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची. टीम के सदस्य खेम सिंह ने बताया कि उन्होंने यहां पहुंचकर खीर में इस्तेमाल किए गए चावल और चीनी के सैंपल लिए हैं. पानी के सैंपल भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है.
सैंपल रिपोर्ट से साफ होगा बीमारी का कारण
फिलहाल स्कूल परिसर में सफाई व्यवस्था सामान्य नजर आ रही है, लेकिन बच्चों के बीमार पड़ने के बाद मिड-डे मील की गुणवत्ता और उसे तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल जरूर खड़े हुए हैं. मामले की जांच एसडीएम के नेतृत्व में की जा रही है. अब सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे साफ हो सकेगा कि आखिर बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वजह क्या रही.
पांच बच्चों को जिला अस्पताल किया गया रेफर
सीएमओ कुल्लू डॉ. रंजीत ठाकुर के अनुसार, 38 बच्चे सीएचसी पतलीकूहल पहुंचे थे. इनमें से दो बच्चों को मंगलवार को जिला अस्पताल कुल्लू रेफर किया गया था, जबकि बुधवार को तीन और बच्चों को रेफर किया गया. इस तरह कुल पांच बच्चे जिला अस्पताल भेजे गए हैं.
उन्होंने बताया कि बच्चों में उल्टी, दस्त और कुछ मामलों में बुखार के लक्षण पाए गए हैं. प्रारंभिक तौर पर फूड पॉइजनिंग की आशंका है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के लिए मेडिकल टीम गठित की है. टीम में डॉक्टरों के अलावा हेल्थ एजुकेटर, सीएचओ, हेल्थ वर्कर और आशा वर्कर शामिल हैं. बाड़ी और आसपास के गांवों में दवाइयों के डिपो भी तैयार किए गए हैं.
अभिभावकों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि दोपहर करीब एक बजे तक बच्चे पूरी तरह स्वस्थ थे. खीर खाने के बाद ही उनकी तबीयत बिगड़नी शुरू हुई. अभिभावक रजनी के अनुसार, कुछ बच्चों को स्कूल के गेट के बाहर ही उल्टियां होने लगीं और वे सड़क पर गिर गए. वहीं अभिभावक पंकज ने खीर में इस्तेमाल दूध, चीनी या किसी अन्य सामग्री में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
एसडीएम को सौंपी गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने जांच एसडीएम को सौंप दी है. विधायक ने अस्पताल पहुंचकर बीमार बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली. वहीं शिक्षा विभाग भी मिड-डे मील तैयार करने से लेकर बच्चों को परोसे जाने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रहा है. प्रशासन का मानना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल बच्चों की हालत में सुधार है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
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