स्कूल की हालत
स्कूल की हालत
पढ़ेगा गुजरात… आगे बढ़ेगा गुजरात… लेकिन बनासकांठा के दांतीवाड़ा से सामने आई ये खबर सरकारी शिक्षा व्यवस्था की हकीकत पर सवाल खड़े कर रही हैं. दांतीवाड़ा प्राथमिक स्कूल में करीब 500 बच्चे महज चार कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं. यहां शिक्षा के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी व्यवस्था भी बदहाल है.
दांतीवाड़ा प्राथमिक स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक करीब 500 विद्यार्थी पढ़ते हैं. लेकिन बच्चों के लिए पर्याप्त कमरे तक उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में कई बार विद्यार्थियों को खुले में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है.
स्कूल में बना कंप्यूटर रूम भी पिछले करीब एक साल से बच्चों के इस्तेमाल में नहीं आ रहा है. कंप्यूटर, डेस्कटॉप और एलईडी स्क्रीन पर धूल जमी हुई दिखाई दी. स्कूल में मौजूद लाइब्रेरी की किताबें और वैज्ञानिक प्रयोगों के उपकरण भी इस्तेमाल के इंतजार में धूल खा रहे हैं.
स्कूल प्रशासन का कहना है कि पिछले एक साल से कमरों की कमी के चलते विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा नहीं मिल पा रही है. करीब 500 बच्चों के लिए पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं होने के कारण पढ़ाई का सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है. बारिश के मौसम में खुले में पढ़ाई करना बच्चों के लिए और भी मुश्किल हो जाता है. बारिश होने पर बच्चों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
एक तरफ सरकार डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की बात करती है, तो दूसरी तरफ दांतीवाड़ा के इस प्राथमिक स्कूल में कंप्यूटर, लाइब्रेरी और वैज्ञानिक प्रयोग के संसाधन मौजूद होने के बावजूद बच्चे इन सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. अब सवाल ये है कि आखिर कब इन बच्चों को पर्याप्त कमरे और आधुनिक शिक्षा की सुविधा मिलेगी?
ज़िला शिक्षण अधिकारी का कहना है कि हमने क्लासरूम बनाने की फ़ाइल आगे भेज दी है वर्क ऑर्डर मिलते ही हम क्लासरूम बनाने की शरुआत करेंगे. तबतक स्कूल में हमे वैकल्पिक व्यवस्था की हे. दांतीवाड़ा की इस स्कूल की तस्वीरें सिर्फ एक स्कूल की समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर भी सवाल खड़े करती हैं.
- परेश की रिपोर्ट