
Last Journey in Madhya Pradesh
Last Journey in Madhya Pradesh
मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है. मूसलाधार बारिश की वजह से कई गांव डूब गए. प्रदेश के 43 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. एमपी के कई जिलों में गांव के गांव डूब गए हैं. लोगों को बड़ी परेशानी हो रही है. कुछ जगहों पर तो लोगों को पानी में अंतिम यात्रा निकालनी पड़ रही है.
भारी बारिश की वजह से मध्य प्रदेश के कई गांवों में मुक्ति धाम जाने के लिए रास्ते तक नहीं है. ऐसी ही कुछ मामला श्योपुर जिले से सामने आया है. विजयपुर विकासखंड के ग्राम सहसराम में भारी बारिश की वजह से मुक्तिधाम के रास्ते पर जलभराव हो गया है. ग्रामीणों को कमर तक पानी में होकर अर्थी लेकर निकलना पड़ रहा है.
बीते शनिवार 26 जुलाई को गांव में दो महिलाओं की मृत्यु होने पर उनके अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम तक पहुंचने में ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. इससे ग्रामीणों में आक्रोश है. लोग शासन-प्रशासन को कोस रहे हैं. पूरे वाकये का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
दरअसल, जिले के सहसराम गांव में एक दिन पहले शनिवार को दो वृद्ध महिलाओं का निधन हो गया. इसमें मृतक अंगूरी देवी पूर्व जनपद सदस्य थी. वहीं दूसरी महिला सीताराम धाकड़ की पत्नी थीं. उनका अंतिम संस्कार दोपहर बाद किया गया. अंतिम संस्कार के लिए जब गांव से मुक्तिधाम तक शव यात्रा ले जाने लगे तो आम रास्ते में जलभराव ने मुश्किलें पैदा कर दीं.
इस दौरान एक अर्थी को जहां ग्रामीण कंधों पर रखकर कमर तक पानी में होकर निकले तो दूसरी अर्थी को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर ले जाना पड़ा. इसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. विकासखंड विजयपुर की ग्राम पंचायत सहसराम क्षेत्र की बड़ी पंचायत है. उसके बाद भी मुक्तिधाम के रास्ते का ये हाल है. ग्रामीणों ने बताया कि यूं तो हमेशा ही जलभराव की स्थिति रहती है लेकिन बारिश के दिनों में स्थिति काफी विकट हो जाती है.

ग्रामीणों ने बताया कि पानी निकासी के इंतजाम ना होने से ये स्थिति बन रही है लेकिन जिम्मेगार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे और स्थाई समाधान नहीं निकाला जा सका है. गांव में श्मशानघाट तो पंचायत के द्वारा बना दिया गया था लेकिन वह भी अब पूरी तरह से क्षतिग्रस्त नजर आ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में यहां दो श्मशानघाट बनवाए गए हैं लेकिन धरातल पर केवल एक ही टीनशेड नजर आता है, वह भी क्षतिग्रस्त हो गया है.
इस बारे में ग्रामीण मनोज धाकड़ का कहना है कि कल हमारे गांव में दो बुजुर्ग महिलाओं की मौत के बाद जब अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट उनकी अर्थियों को लेकर गए तो रास्ते में भरे पानी के बीच परेशानी उठाना पड़ी. इससे पहले भी ऐसी स्थिति बनी थी. शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं किया गया. मनोज धाकड़ ने दावा करते हुए कहा कि पूर्व और वर्तमान सरपंच ने रास्ते और श्मशान घाट के लिए आई राशि में गोलमाल किया है.
जनपद पंचायत विजयपुर के सीइओ आफीसर सिंह गुर्जर ने गुड न्यूज टुडे को फोन कॉल पर बताया कि इस तरह का मामला मेरे संज्ञान में आ गया है जिस पर पंचायत से स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सरपंच-सचिव को बोल दिया है. बारिश रुकने के बाद जलभराव का भी स्थाई समाधान कराया जाएगा.
(खेमराज दुबे की रिपोर्ट)