महोबा में फसल सर्वे के नाम पर वसूली
महोबा में फसल सर्वे के नाम पर वसूली
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के सर्वे के नाम पर कथित अवैध वसूली से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नुकसान का सर्वे करने पहुंचे प्राइवेट कंपनी के दो सर्वेयरों का किसानों ने अनोखे अंदाज में विरोध किया. गांव की महिलाओं ने दोनों को चूड़ी, पेटीकोट और ब्लाउज पहनाया, लाली
बिंदी लगाई और गले में जूतों की माला डालकर पूरे गांव में घुमाया. किसानों का आरोप है कि 200 से ज्यादा लोगों से करीब 2 लाख रुपये की वसूली की गई. विधायक प्रतिनिधि की मौजूदगी में दोनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया.
20 दिन की बारिश ने 90 फीसदी फसल की बर्बाद
महोबा जिले की चरखारी विधानसभा क्षेत्र के नटर्रा गांव में पिछले 20 दिनों से हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की उड़द, तिली और मूंगफली की करीब 90 फीसदी फसल बर्बाद कर दी है. फसल खराब होने के बाद किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से राहत मिलने की उम्मीद थी. इसी बीच बीमा कंपनी इफको टोक्यो से अनुबंधित प्राइवेट एजेंसी ग्लोबल अर्क के सर्वेयरों पर किसानों की मजबूरी का फायदा उठाने का आरोप लगा.
ज्यादा बीमा राशि दिलाने का लालच देने का आरोप
आरोप है कि मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी दो सर्वेयर पिछले एक सप्ताह से गांव में जाकर किसानों से पैसे मांग रहे थे. किसानों का आरोप है कि सर्वे में ज्यादा नुकसान दर्ज करने और बीमा की रकम अधिक दिलाने का लालच देकर उनसे एक हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक की मांग की जा रही थी. पैसे नहीं देने पर बीमा राशि नहीं मिलने की धमकी देने का भी आरोप है. किसानों के मुताबिक, दोनों सर्वेयरों ने भोले-भाले किसानों से करीब 2 लाख रुपये नगद और ऑनलाइन माध्यम से वसूल किए.
ग्रामीणों ने सर्वेयरों को पकड़कर पुलिस को सौंपा
जब इस मामले की जानकारी जागरूक ग्रामीणों और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रविन्द्र राजपूत को हुई, तो उन्होंने दोनों सर्वेयरों को पकड़ लिया. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने किसानों को डराने-धमकाने और उनसे पैसे वसूलने की बात कबूल करने की बात सामने आई. मामले की जानकारी चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत को दी गई. उनके निर्देश पर विधायक प्रतिनिधि सूरज पांडेय अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे.
महिलाओं ने पहनाई चूड़ी, पेटीकोट और जूतों की माला
विधायक के कड़े रुख और गांव में बढ़े आक्रोश के बीच महिला किसानों ने दोनों सर्वेयरों का अनोखे तरीके से विरोध किया. महिलाओं ने दोनों को चूड़ी, पेटीकोट और ब्लाउज पहनाया. इसके बाद उनके माथे पर लाली-बिंदी लगाई गई और गले में जूतों की माला डालकर पूरे गांव में जुलूस निकाला गया. महिलाओं का कहना था कि मुसीबत में फंसे गरीब किसानों से ठगी कर दोनों ने औरतों से भी बदतर काम किया है.
कृषि अधिकारी ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
हंगामे की जानकारी मिलने के बाद कृषि अधिकारी राम सजीवन भी मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने नामजद तहरीर देकर दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और किसानों से लिए गए पैसों को वापस दिलाने की मांग की है. कृषि अधिकारी ने पूरे मामले की जानकारी जिलाधिकारी के संज्ञान में लाने और निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है. उन्होंने ग्रामीणों को सख्त दंडात्मक कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है. फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं.
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