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Ahmedabad News: पहले की दोस्ती, फिर वीज़ा दिलाने का वादा! करवाई पूरी प्रोसेस... हुआ इंटरव्यू और मिला ऑफर लेटर... लेकिन अगर कुछ नहीं मिला तो वो था वीज़ा

विदेश में रहकर काम करने की इच्छा एक युवक को काफी भारी पड़ी. एक ठग ने उससे दोस्त बन कर दोस्ती की. जिसके बाद यूके का वीजा दिलाने के नाम पर उससे लाखों रुपए ऐंठ लिए.

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Cyber crime in Ahmedabad. Cyber crime in Ahmedabad.

अहमदाबाद में विदेश जाने के इच्छा रखने वाले नागरिकों को निशाना बनाकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने का एक और मामला सामने आया है. यूनाइटेड किंगडम (UK) का वैध वीज़ा दिलाने के बहाने एक नागरिक से ₹24.75 लाख रुपए की मोटी रकम ऐंठकर ठगी की गई. इस पूरे मामले में पीड़ित ने सोला पुलिस स्टेशन में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है. इस धोखाधड़ी में राज सोनी और निकिता सोनी नाम के व्यक्ति शामिल हैं. 

आरोपियों ने शिकायतकर्ता को UK का वीज़ा दिलाने का झांसा दिया और विश्वास में लेकर किश्तों में कुल ₹24.75 लाख रुपए ले लिए. जब काफी समय बीतने के बाद भी वीज़ा नही मिला और पैसे वापस करने की बात पर टालमटोल होने लगी, तो शिकायतकर्ता को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है.

दोस्ती बदली ठगी में!

शिकायत के अनुसार नीजी कंपनी में काम करने वाले निपम ने पुलिस को बताया कि साल 2021 में उनके साथ काम करने वाले निकीता सोनी के साथ उनकी दोस्ती हुई थी. साथ में काम करने की वजह से पारिवारिक बातचीत भी होती थी, जिसमें निकीता ने बताया था कि उसका पति राज यूके में रहता है और कुछ दिनों में वह भी यूके जाने वाली है. उसका वीजा प्रोसेस में है और कुछ दिनों में वीजा मिल जाने के बाद वह अपने पति के साथ यूके पहुंच जाएगी और वहां पर ही सेटल हो जाएगी.

'मेरे पति कर देंगे वीजा दिलाने में मदद'

साल 2022 में उसने बताया था कि उसका वीजा आ गया है और अब वह यूके जा रही है. साथ ही  निपन को कहा कि अगर आपको भी यूके आना है तो आप भी वीजा प्रोसेस कर लीजिए मेरे पति आपको मदद करेंगे. जिसके बाद निपम ने अपनी पत्नी से बात की थी और यूके के वीजा के लिए तैयारी कर ली थी. 

25 लाख में मिलेगा गारंटी के साथ वीजा

साल 2023 में निकीता यूके चली गई थी और जब वह कुछ दिनों के लिए लौटी तो उसकी साथ मुलाकात के दौरान उसने निपम को बताया कि 25 लाख में वर्क परमीट के साथ वीजा मिल जाएगा. अगर वीजा नहीं मिला तो पैसै वापस मिल जाएंगे. जिसके बाद वह वापस यूके चली गई और वहां जाकर कॉल किया की अगर 25 लाख देंगे तो गारंटी से वीजा मिल जाएगा. 

हुआ इंटरव्यू, मिला ऑफर लेटर भी... पर नहीं मिला वीजा

निपम के पास रुपए नहीं थे, इसलिए उन्होंने कहा कि एक साथ इतने रुपए नहीं दे पाऊंगा, लेकिन आप प्रोसेस शुरू कर दे तो में किश्तों में आपको रुपए देता रहूंगा. जिसके बाद निपम ने पहले 1 लाख रुपए भेजे और उसके बाद 1 साल क अंदर 24 लाख रुपए और भेजे. इस दौरान जूम कॉल के जरिए निपम का इंटरव्यू भी करवाया गया और उसको BUPA कंपनी का जॉब लेटर भी मिला. लेकिन निपन को वीजा नहीं मिला.

मामले की शिकायत दर्ज, पुलिस कर रही जांच

उसके बाद वीजा के लिए लगातार पूछने पर भी कोई जानकारी दी नहीं गई. जिसके वजह से आखिर में निपम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर सोला पुलिस स्टेशन ने राज सोनी और निकिता सोनी के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी जांच शुरू कर दी है. पुलिस फिलहाल आरोपियों के बैंक खातों और वीज़ा प्रोसेसिंग से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है.