गरीबों के नाम की जमीन
गरीबों के नाम की जमीन
आज के समय में जहां लोग जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों के लिए अपने ही अपनों के खिलाफ खड़े हो जाते हैं, वहीं भोजपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है जो इंसानियत पर भरोसे को और मजबूत कर देती है. दरअसल भोजपुर जिले के सरथुआ पंचायत के मुखिया राकेश सिंह ने अपनी पांच साल की बेटी के जन्मदिन को सिर्फ केक और जश्न तक ही सीमित नहीं रखा. उन्होंने इस मौके पर एक ऐसा फैसला लिया, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है.
दरअसल बेटी के जन्मदिवस पर राकेश सिंह ने अपने हिस्से की 18 कट्ठा निजी जमीन महादलित और बेहद गरीब परिवारों के लिए दान कर दी. अब इस जमीन पर अब वे लोग बस सकेंगे, जिनके पास सालों से सिर छिपाने के लिए कोई छत नहीं थी. उनके पास इतना पैसा ही नहीं था कि जमीन का कोई टुकड़ा ही खरीद सकें. अब राकेश सिंह की ये जमीन उन लोगों के काम आएगी.
राकेश सिंह का कहना है कि किसी भी इंसान के लिए सबसे बड़ी सुरक्षा उसका अपना घर होता है. अगर उनकी जमीन किसी गरीब परिवार की जिंदगी बदल सकती है, तो इससे बड़ी खुशी उनके लिए कोई नहीं हो सकती. यह फैसला कोई अचानक लिया गया कदम नहीं है, बल्कि ग्रामीण बताते हैं कि राकेश सिंह पिछले कई सालों से समाज सेवा में सक्रिय हैं. साथ ही जरूरतमंदों को मुश्किल समय में आर्थिक सहायता, भोजन, कपड़े, ठंड में कंबल पहुंचाते रहे हैं.
बेटी के जन्मदिन को समाज के नाम समर्पित करते हुए उन्होंने एक ऐसा संदेश दिया है, जो हर सक्षम व्यक्ति को सोचने पर मजबूर करता है. उनका मानना है कि अगर समाज का हर सक्षम व्यक्ति एक जरूरतमंद परिवार का हाथ थाम ले, तो बेघर होने की मजबूरी काफी हद तक खत्म हो सकती है. इस पहल की पूरे इलाके में सराहना हो रही है. लोग इसे सिर्फ जमीन का दान नहीं, बल्कि इंसानियत,संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बता रहे हैं.