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मिशन कर्मयोगी से यूपी बनेगा देश का मॉडल राज्य, 'AI' सिखाएगी योगी सरकार, दिए गए स्पष्ट निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक हुई प्रगति और आगे की कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की. बैठक में मिशन के क्रियान्वयन, प्रशिक्षण ढांचे, डिजिटल प्लेटफॉर्म आईगॉट (Integrated Government Online Training) की स्थिति और विभिन्न विभागों में क्षमता से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक हुई प्रगति और आगे की कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की. बैठक में मिशन के प्लानिंग, प्रशिक्षण ढांचे, डिजिटल प्लेटफॉर्म आईगॉट (Integrated Government Online Training) की स्थिति और विभिन्न विभागों में क्षमता से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई. इस दौरान कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के प्लानिंग पेश की.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘मिशन कर्मयोगी’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति के मूल्यों के साथ वैश्विक दृष्टिकोण अपनाते हुए ऐसे सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है, जो प्रदेश और देश के विकास में प्रेरक शक्ति बनें. उन्होंने कहा कि यह मिशन शासन व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है.

790 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण
बैठक में बताया गया कि मिशन कर्मयोगी के तहत केंद्र में 30 लाख से अधिक सिविल सेवकों, राज्यों में लगभग 2.2 करोड़ कार्मिकों तथा शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में करीब 50 लाख कर्मियों को क्षमता संवर्धन से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस मिशन के माध्यम से देशभर के 790 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक और सुदृढ़ बनाया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विभागीय और सरकारी संस्थानों के प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में AI और साइबर सिक्योरिटी को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि डिजिटल युग की जरूरतों के अनुसार प्रशासन को अधिक सक्षम बनाया जा सके. सभी सिविल सेवकों के सतत और समग्र ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए आईगॉट (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है. आईगॉट (Integrated Government Online Training) आज दुनिया का सबसे बड़ा सरकार-प्रेरित क्षमता निर्माण मंच बन चुका है.

इस पर अब तक 1.45 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हो चुके हैं. प्लेटफॉर्म पर कुल 4,179 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनमें 840 से अधिक पाठ्यक्रम हिंदी में और 15 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में 540 से अधिक पाठ्यक्रम शामिल हैं. अब तक 6.7 करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं, जबकि पाठ्यक्रम पूर्णता दर 70 प्रतिशत से अधिक रही है. आईगॉट ऐप को 50 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है.

आईगॉट पर 10 लाख से अधिक उपयोगकर्ता
आईगॉट कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है. प्रदेश से 18.8 लाख से अधिक कर्मचारी प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं, जो वर्ष 2025 में देशभर में हुए कुल ऑनबोर्डिंग का 93 प्रतिशत है. वहीं, 10 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने कम से कम एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा किया है. अब तक प्रदेश में 72 लाख से अधिक पाठ्यक्रम पूरे किए जा चुके हैं, जो वर्ष 2025 में देशभर में हुई कुल पाठ्यक्रम पूर्णताओं का 99 प्रतिशत है. यह उपलब्धि सुशासन, दक्ष प्रशासन और नागरिक-केंद्रित सेवा प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

मुख्यमंत्री योगी ने दिया निर्देश
मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग और सरकारी संस्थाएं अपनी आवश्यकता के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार कर भारत सरकार के ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म आईगॉट पर अपलोड करें. उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम को अनिवार्य करने और इसे पदोन्नति व एसीआर से जोड़ने के निर्देश भी दिए. इसके साथ ही प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में एआई, साइबर सिक्योरिटी और व्यावहारिक कौशल को शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि जमीनी स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को और मजबूत किया जा सके. 

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