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मुरादाबाद में 5 करोड़ की रंगदारी, कौन था आशू उर्फ मोंटी चड्ढा, जिससे कांपता था पूरा वेस्ट यूपी

जेल ही आशू के लिए अपराध की बड़ी दुनिया का दरवाजा बनी. जेल में रहते हुए उसका संपर्क कुख्यात उधम सिंह गैंग से हुआ.

Monty Chadha Monty Chadha

मुरादाबाद में 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर कुख्यात उधम सिंह गैंग और उसके शार्प शूटर आशू उर्फ मोंटी चड्ढा का नाम सुर्खियों में है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर कौन था ये आशू उर्फ मोंटी, जिससे पूरा वेस्ट यूपी खौफ खाता था?

कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में आया
आशू उर्फ मोंटी चड्ढा हापुड़ जिले के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के मीरापुर गांव का रहने वाला था और कम उम्र में ही उसने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था. साल 2010 में उसने अपने ही गांव के एक व्यक्ति पप्पू की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी थी. इस सनसनीखेज वारदात के बाद मृतक की पत्नी ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और करीब एक साल बाद पुलिस उसे गिरफ्तार कर पाई.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कायम किया दबदबा
जेल ही आशू के लिए अपराध की बड़ी दुनिया का दरवाजा बनी. जेल में रहते हुए उसका संपर्क कुख्यात उधम सिंह गैंग से हुआ. इसके बाद जब वह 2012 में पेरोल पर बाहर आया तो सीधे इस गैंग में शामिल हो गया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा. गैंग में शामिल होने के बाद आशू ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर में अपना खौफ कायम कर लिया. मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़ और गाजियाबाद जैसे जिलों में वह रंगदारी, फिरौती, सुपारी लेकर हत्या और बड़ी लूट की वारदातों को अंजाम देता रहा.

Story of Monty Chadha

जेल से आते ही फिर अपराध में सक्रिय हुआ
साल 2014 में मेरठ के सरधना और सरूरपुर थाना क्षेत्रों में हुई गैंगवार की दो हत्याओं में उसका नाम सामने आया. पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया, लेकिन जेल से बाहर आते ही वह फिर अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया. इसके बाद 2016 में गाजियाबाद के कविनगर और इंद्रापुरम इलाके में लूट और चोरी के मामलों में भी उसकी गिरफ्तारी हुई.

उधम सिंह गैंग का भरोसेमंद शार्प शूटर
साल 2017 में हत्या के प्रयास के एक मामले में भी वह वांछित रहा. धीरे-धीरे वह उधम सिंह गैंग का भरोसेमंद शार्प शूटर बन गया, जो रंगदारी न मिलने पर सीधे हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने से भी नहीं हिचकता था. इसी कड़ी में उसने मुरादाबाद के बड़े कारोबारियों को निशाना बनाने की साजिश रची. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर शहर के नामचीन निर्यातक अरशू ढल का मोबाइल नंबर हासिल किया और व्हाट्सएप के जरिए 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगनी शुरू कर दी.

नाम सुनते ही कारोबारी दहशत में आ जाते
पुलिस के मुताबिक, आशू उर्फ मोंटी चड्ढा का नाम सुनते ही कारोबारी दहशत में आ जाते थे, क्योंकि वह अपने इरादों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता था. यही वजह थी कि उसका खौफ पूरे वेस्ट यूपी और एनसीआर में फैला हुआ था. फिलहाल पुलिस इस गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई जारी है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह के बाकी अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

-रिपोर्ट-जगत गौतम