ठेंकू वनवासी
ठेंकू वनवासी
एक ऐसा युग जहां जमीन की लड़ाई अक्सर खूनी हो जाती है. विवाद के चलते लोग एक-दूसरे से बात करना बंद कर देते हैं परिवारों में दुश्मनी हो जाती है ऐसे में एक गरीब चरवाहे ने दिलदारी की मिसाल पेश की. मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल डिंडोरी जिले में एक चरवाहे ने लोगों की प्यास बुझाने के लिए अपनी जमीन का एक हिस्सा दान कर दिया.
57 वर्षीय ठेंकू प्रसाद वनवासी ने राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग को एक ओवरहेड वॉटर टैंक बनाने के लिए अपनी तीन एकड़ जमीन में से 1,000 वर्ग फुट जमीन दान में दी है. पीएचई लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या को सुलझाने का वादा कर रही थी लेकिन अभी तक ये काम नहीं हो पाया था. डिंडोरी जिले के शाहपुरा प्रखंड के बड़गांव गांव के 4500 निवासी पानी की किल्लत की समस्या से जूझ रहे थे.
पेशे से गडरिया है ठेंकू
थेनकू ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “मेरा काम मवेशियों मैदान में घास चराने के लिए प्रतिदिन ले जाना है, अपनी जमीन के छोटे से हिस्से में मैं खेती करके परिवार के लिए कुछ सब्जियां उगा लेता हूं. लेकिन ग्रामीणों के लिए लंबे समय से चले आ रहा पानी के संकट के सामने परिवार के लिए कुछ उगाना सेकेंड्री हो जाता है. मैंने यह सुनिश्चित करने के लिए जमीन का एक हिस्सा दान कर दिया है कि पानी की टंकी हमेशा के लिए पानी की समस्या को खत्म कर देगी."
गांव में थी पानी की समस्या
इसके अलावा थेनकू ने राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से अपील की कि गांव की पानी संबंधी समस्या को जल्द से जल्द खत्म करें.चरवाहे के बारे में ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, “नल जल योजना के लिए 1,000 वर्ग फुट भूमि दान कर ठेंकू वनवासी ने एक सम्मानजनक कार्य किया है. इस महान प्रयास के लिए मैं उन्हें सलाम करता हूं." बड़गांव गांव लंबे समय से पानी की अपर्याप्त उपलब्धता से परेशान है.खासकर गर्मी के दिनों में गांव के दो हिस्सों बनवासी मोहल्ला और शंकर टोला की महिलाओं और बच्चों को सालगी नदी से पानी लाने के लिए 2.3 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है.