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मां मुझे मोबाइल से बचा लो...! माथे पर काली पट्टी बांधे, सैकड़ों बच्चों ने निकाली जागरूकता रैली

स्कूल के सैकड़ों विद्यार्थियों ने नगर के विभिन्न इलाकों में 'मोबाइल छोड़ो' अभियान के तहत जागरूकता रैली निकाली. रैली स्कूल परिसर से शुरू होकर प्रेमपुरी, हनुमान चौक, भगत सिंह चौक और शिव चौक होते हुए नगर के प्रमुख बाजारों तक पहुंची. रास्ते में बच्चों ने दुकानदारों और स्थानीय लोगों को पर्चे और संदेश देकर मोबाइल के अधिक उपयोग से होने वाले नुकसान के बारे में बताया.

Muzaffarnagar awareness rally Muzaffarnagar awareness rally

आज के डिजिटल दौर में जहां मोबाइल बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बनता जा रहा है, वहीं एक स्कूल के सैकड़ों बच्चों ने खुद आगे आकर समाज को जागरूक करने का अनोखा संदेश दिया. माथे पर काली पट्टी और हाथों में काले झंडे लिए मासूमों बच्चों ने नगर में रैली निकालकर लोगों से अपील की कि बच्चों को मोबाइल की लत से बचाया जाए और उन्हें पढ़ाई, खेल और किताबों की ओर प्रेरित किया जाए.

श्री गिरधारी लाल जैन मेमोरियल पब्लिक स्कूल के सैकड़ों विद्यार्थियों ने नगर के विभिन्न इलाकों में 'मोबाइल छोड़ो' अभियान के तहत जागरूकता रैली निकाली. रैली स्कूल परिसर से शुरू होकर प्रेमपुरी, हनुमान चौक, भगत सिंह चौक और शिव चौक होते हुए नगर के प्रमुख बाजारों तक पहुंची. रास्ते में बच्चों ने दुकानदारों और स्थानीय लोगों को पर्चे और संदेश देकर मोबाइल के अधिक उपयोग से होने वाले नुकसान के बारे में बताया.

इस दौरान बच्चों के हाथों में स्लोगन लिखी
मां मुझे मोबाइल से बचा लो,
मोबाइल स्क्रीन नहीं, सपनों को छूना है
छोटे हाथों में किताबें अच्छी लगती हैं, मोबाइल नहीं..

मोबाइल बन रहा बच्चों के लिए खतरा
स्कूल की प्रिंसिपल अलका जैन ने बताया कि यह रैली बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत को लेकर निकाली गई है. उन्होंने कहा कि आज मोबाइल केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या बन चुका है. छोटे-छोटे बच्चों को भी खिलौने की तरह मोबाइल दे दिया जाता है, जिससे वे धीरे-धीरे इसकी लत के शिकार हो जाते हैं.

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों की आंखों की रोशनी कमजोर हो रही है, याददाश्त पर असर पड़ रहा है और वे पढ़ाई में पिछड़ते जा रहे हैं. इसके साथ ही बच्चों का खेल-कूद भी लगभग खत्म हो गया है. पहले बच्चे मैदान और आंगन में खेलते थे, लेकिन अब वे घंटों मोबाइल पर समय बिताना ज्यादा पसंद करते हैं.

बच्चों ने खुद दिया संदेश
रैली में शामिल छात्र अंशुमन सैनी ने कहा कि आजकल बच्चे बहुत ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे आंखें कमजोर हो रही हैं, चश्मा लग रहा है और माइग्रेन जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं. देर रात तक मोबाइल देखने की आदत से पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि मोबाइल के कारण बच्चे चिड़चिड़े हो रहे हैं और उनकी एकाग्रता भी कम हो रही है. इसलिए बच्चों को खुद भी मोबाइल छोड़ने का संकल्प लेना चाहिए.

इस जागरूकता अभियान के माध्यम से स्कूल ने यह संदेश दिया कि बच्चों का यह समय उनके भविष्य और करियर निर्माण का है. अगर अभी से उन्हें मोबाइल की लत लग गई, तो इसका असर उनके व्यक्तित्व और जीवन पर पड़ सकता है. मासूम बच्चों की इस अनोखी पहल ने समाज और अभिभावकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि तकनीक का सही उपयोग जरूरी है, लेकिन बचपन को स्क्रीन में कैद होने से बचाना उससे भी ज्यादा जरूरी है.

रिपोर्टर: संदीप सैनी