Accused in police custody
Accused in police custody
कभी पुलिस कमिश्नर तो कभी NIA अधिकारी बनकर करोड़ों की ठगी करने वाले 7 आरोपियों को नागपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि हांगकांग और दुबई में बैठकर वाया राजस्थान से यह नेटवर्क चलाया जा रहा था. शिकायतकर्ता प्रवीण कुमार तालुकदार को आरोपियों ने खुद को पुलिस आयुक्त विश्वास नागरे पाटील और NIA अधिकारी बताकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया. इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद से जुड़े होने का डर दिखाकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में 1 करोड़ 4 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए. यानी अधिकारियों के नाम और कार्रवाई के डर का इस्तेमाल कर पीड़ित को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया. इस मामले में पुलिस ने मुंबई से दिनेश रावरिया और अरविंद गाला को गिरफ्तार किया है.
मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपए की ठगी
अब बात उस मामले की, जहां सोशल मीडिया पर मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपए की ठगी की गई. आरोपियों ने इंस्टाग्राम विज्ञापन के जरिए पीड़ित से संपर्क किया और उसे टेलीग्राम ग्रुप तथा एफटीएमओ ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जोड़कर निवेश के लिए प्रेरित किया. मुनाफे की उम्मीद में पीड़ित ने 33 अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए और कुल 2 करोड़ 87 लाख रुपए गंवा दिए. पुलिस के मुताबिक, इस मामले में रकम को 38 बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था. पुलिस ने बीड से काकासाहेब मोहन दरूंडे और मुंबई के बोरीवली से भूपेंद्र जैन तथा योगेश जैन को गिरफ्तार किया है. इस मामले में सोशल मीडिया के जरिए निवेश का लालच देने और कई बैंक खातों के माध्यम से रकम ट्रांसफर किए जाने का पहलू सामने आया है. पुलिस अब इन लेन-देन और आरोपियों की हांगकांग और दुबई के नेटवर्क और हैंडलर्स की भी जांच कर रही है.
और RTGS के जरिए ट्रांसफर करवा लिए रुपए
उधर, हिवरी लेआउट निवासी निखिल नखत के पिता को एक प्रतिष्ठित व्यक्ति की तस्वीर और AI से तैयार की गई आवाज के जरिए संपर्क किया गया. इसके बाद मुसीबत का बहाना बनाकर 50 लाख रुपए मांगे गए. इस मामले में पुलिस ने इंदौर से 29 वर्षीय नेतराम चडार को गिरफ्तार किया है. चौथा मामला फर्जी दस्तावेजों और बैंकिंग लेन-देन के दुरुपयोग से जुड़ा है. जरीपटका स्थित एक बैंक के मैनेजर को उन्नति मोटर्स का कर्मचारी बनकर फोन किया गया. इसके बाद कंपनी के नाम से फर्जी लेटरहेड भेजकर 9 लाख 50 हजार रुपए RTGS के जरिए ट्रांसफर करवा लिए गए. इस मामले में पुलिस ने कानपुर से 36 वर्षीय दुर्गाकुमार भगत बहादुर को गिरफ्तार किया है. फर्जी पहचान और दस्तावेजों के जरिए बैंकिंग प्रक्रिया का दुरुपयोग किए जाने का यह मामला बेहद गंभीर है.