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जब नेपाल-बांग्लादेश का जेन-जी सरकार बदल सकता है तो हमारा पेपर लीक करने वालों को जेल क्यों नहीं भिजवा सकता?- केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के लीडर अरविंद केजरीवाल कहा कि जब नेपाल-बांग्लादेश का जेन-जी सरकार बदल सकता है तो हमारा जेन-जी पेपर लीक करने वालों को जेल क्यों नहीं भिजवा सकता? केजरीवाल ने कहा कि यह देश युवाओं का है, इन नेताओं को इस देश में कोई दिलचस्पी नहीं, इनके बच्चे तो विदेशों में पढ़ते हैं.

AAP on NEET Paper Leak AAP on NEET Paper Leak

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर बुधवार को देश के युवाओं (जेन-जी) से सीधा वर्चुअल संवाद किया. उन्होंने जेन-जी का आह्वान करते हुए कहा कि बहुत हुआ पेपर लीक, अब इस घिनौने खेल को बंद करने के लिए देश के जेन-जी को सड़कों पर उतर कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना पड़ेगा. उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए युवाओं से कहा कि जब वहां जेन-जी अपनी सरकार बदल सकते हैं तो हमारे देश का जेन-जी पेपर लीक कराने में शामिल मंत्रियों-नेताओं को जेल क्यों नहीं भिजवा सकता? हर बार पेपर लीक की जांच सीबीआई को सौंप दी जाती है, लेकिन आजतक किसी को सजा नहीं मिली। इस बार भी कुछ नहीं होने वाला है.

क्या बीजेपी के नेता सीधे तौर पर शामिल हैं- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने सवाल किया कि ज्यादातर पेपर लीक भाजपा शासित राज्यों में क्यों होते हैं, क्या इस घिनौने खेल में भाजपा के नेता सीधे तौर पर शामिल हैं? कुछ लोग सिस्टम फेल होने की बात करते हैं, लेकिन वे लोग ऐसा कहकर अनजाने में पेपर लीक में शामिल टॉप पर बैठे व्यक्ति को बचा रहे हैं. केजरीवाल ने कहा कि यह देश युवाओं का है. इन नेताओं को इस देश में कोई दिलचस्पी नहीं. इनके बच्चे तो विदेशों में पढ़ते हैं. उन्होंने याद दिलाया कि देश के एक बड़े नेता ने कभी कहा था कि जरूरत पड़ी तो झोला उठाकर चला जाऊंगा, लेकिन हम कहां जाएंगे? हमारा परिवार तो इसी देश में रहता है. इसलिए हमें और युवाओं को मिलकर ही इस देश को बचाना होगा.

हर बार की तरह इस बार भी जांच CBI को सौंपी गई है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने देश के युवाओं से कहा कि नीट का पेपर लीक हुआ है. हर बार की तरह इस बार भी जांच सीबीआई को सौंप दी गई है, हर बार की तरह इस बार भी सीबीआई ने 10-15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. हर बार की तरह इस बार भी सभी आरोपी तीन से चार महीने में जमानत पर बाहर आ जाएंगे और हर बार की तरह इस बार भी ये सारे जेल से छूटे हुए बदमाश फिर से अगले साल पेपर लीक करने की तैयारी शुरू कर देंगे.

क्या पेपर लीक सुन सुनकर थक नहीं गए हैं?- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने युवाओं से पूछा कि क्या आप पेपर लीक के मामले सुन-सुन कर थक नहीं गए हैं. पेपर लीक की बड़ी घिसी-पिटी सी स्क्रीप्ट है। क्या सीबीआई पर भरोसा बचा है? क्या इस बार सीबीआई कुछ करेगी? 2017 में भी नीट के पेपर लीक हुए, जांच सीबीआई को सौंप दी गई. क्या आज तक उस मामले में सीबीआई ने कुछ किया? फिर 2021 में पेपर लीक हुए और जांच सीबीआई को सौंप दी गई, क्या आज तक सीबीआई ने कुछ किया? 2024 में भी नीट के पेपर लीक हुए और जांच सीबीआई को सौंप दी गई, इसमें भी सीबीआई ने कुछ नहीं किया. अब 2026 में नीट के पेपर लीक हुए हैं और एक बार फिर जांच सीबीआई को सौंप दी गई है. क्या देश के युवाओं को उम्मीद है कि इस बार भी सीबीआई कुछ करेगी?

केजरीवाल ने नेपाल-बांग्लादेश का उदाहरण दिया-
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर नेपाल और बांग्लादेश का जेन-जी सड़कों पर उतर कर अपनी सरकारों को बदल सकता है तो हमारे देश का जेन-जी पेपर लीक कराने वाले मंत्रियों को जेल नहीं भेज सकता? मुझे अपने देश के जेन-जी पर पूरा भरोसा है कि वह भी मंत्रियों को जेल भेज सकता है. यह देश युवाओं का है. इस देश के नेताओं को इस देश में कोई रूची नहीं है. इस देश के नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं. हमार देश के एक बहुत बड़े नेता ने कहा था कि जरूरत पड़ी तो झोला उठा कर चला जाउंगा. मैं और युवा झोला उठा कर तो नहीं जा सकते. हमारे बीबी-बच्चे तो इसी देश में रहते हैं. हम तो इसी देश की पैदाइश हैं, इसी देश की मिट्टी के हैं. हमें तो इसी देश में रहना है। इस देश को हमें और युवाओं को मिल कर ही इस देश को बचाना होगा.

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