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Delhi-NCR: खराब हवा के चलते जारी किये गए नए दिशा-निर्देश, दिल्ली में स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद....जानिए किस पर होगी रोक

इसके साथ यह भी निर्देश दिया कि एनसीआर में इंडस्ट्रियल ऑपरेशन और प्रोसेस जो नेचुरल गैस या अन्य स्वच्छ ईंधन पर नहीं चल रहे हैं, उन्हें सोमवार से शुक्रवार तक दिन में केवल आठ घंटे तक चलाने की ही अनुमति दी जाएगी

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Photo: PTI Photo: PTI
हाइलाइट्स
  • इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से सख्ती से लागू किया जाएगा

  • डीजल जनरेटर के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध

  • एनसीआर में सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे

दिल्ली और एनसीआर में हवा की गिरती गुणवत्ता को देखते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं. शुक्रवार को जारी इस नयी गाइडलाइन में दिल्ली के शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया गया है, केवल ऑनलाइन मोड में ही क्लासेस चलाने की अनुमति दी गई है. कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने कहा कि एनसीआर में सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे, केवल ऑनलाइन क्लासेस की परमिशन होगी. वहीं, एग्जाम और प्रैक्टिकल लैब के लिए इन्हें खोलने की अनुमति होगी.  

इसके साथ यह भी निर्देश दिया कि एनसीआर में इंडस्ट्रियल ऑपरेशन और प्रोसेस जो नेचुरल गैस या अन्य स्वच्छ ईंधन पर नहीं चल रहे हैं, उन्हें सोमवार से शुक्रवार तक दिन में केवल आठ घंटे तक चलाने की ही अनुमति दी जाएगी. 

डीजल जनरेटर के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध

आयोग ने आगे कहा कि उद्योगों पर इसके पहले जो निर्देश दिए गए थे वही जारी रहेंगे. इन निर्देशों के अनुसार, एनसीआर में जितनी भी इंडस्ट्रीज अस्वीकृत ईंधन (Unapproved Fuel) का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से बन कर दिया जाएगा. साथ एनसीआर वाल सभी राज्य और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लागू करेंगे. 

ट्रकों पर भी होगी रोक 

आयोग ने अपने नए निर्देशों में दिल्ली में आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले ट्रकों के अलावा इलेक्ट्रिक और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस से चलने वाले ट्रकों को छोड़कर अन्य ट्रकों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी है. आदेश में कहा गया, "बढ़ते प्रदूषण और दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता को देखते हुए ये लागू किये गए हैं. इन उपायों को अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से सख्ती से लागू किया जाएगा.”

गौरतलब है कि एनसीआर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है. इसे कम करने के लिए कई नियम लागू किये गए हैं. साल की शुरुआत में इन नियमों की निगरानी के लिए पर्यावरण मंत्रालय द्वारा राज्यों में कार्यबल का गठन किया गया था. ताकि ये सभी केंद्र को इन क्षेत्रों की रिपोर्ट दे सकें.  

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