तकनीक से लैस हेलमेट
तकनीक से लैस हेलमेट
सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए जहां सरकार और पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है, वहीं बुंदेलखंड के झांसी जिले के ग्राम पठा करका के एक आठवीं कक्षा के छात्र ने ऐसा अभिनव प्रयोग कर दिखाया है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. कक्षा 8 के छात्र स्वतंत्र रंजन ने एक ऐसा ‘स्मार्ट हेलमेट’ तैयार किया है, जिसे पहने बिना वाहन स्टार्ट ही होता है. इतना ही नहीं, यदि चालक ने शराब का सेवन किया है तो यह हेलमेट इंजन चालू होने से भी इनकार कर देगा.
कैसे काम करता है स्मार्ट हेलमेट
स्वतंत्र रंजन द्वारा तैयार किए गए इस हेलमेट में कई आधुनिक तकनीकों का समावेश किया गया है. जैसे हेलमेट में एक विशेष सेंसर लगाया गया है, जो सीधे वाहन के इग्निशन सिस्टम से जुड़ा है. जब तक चालक हेलमेट पहनकर सिर को सेंसर पर नहीं रखेगा, तब तक बाइक स्टार्ट नहीं होगी. साथ ही यदि चालक ने शराब पी रखी है, तो सेंसर उसे पहचान लेगा. ऐसी स्थिति में इंजन स्टार्ट नहीं होगा और एक बजर बजकर संकेत देगा.
इसके अलावा हेलमेट के बाहरी हिस्से में लगाया गया कैमरा यात्रा के दौरान सामने का दृश्य रिकॉर्ड करता है. हेलमेट के अंदर एक छोटा पंखा लगाया गया है, जो गर्मी और घुटन से राहत देता है. हेलमेट में कॉल रिसीव करने की सुविधा भी दी गई है. साथ ही चालक की लोकेशन परिजनों तक पहुंचती रहे, इसके लिए जीपीएस सिस्टम जोड़ा गया है. हेलमेट में बैटरी के साथ सोलर पैनल भी लगाया गया है, जिससे यह धूप में खुद चार्ज होता रहेगा.
क्या कहते हैं स्वतंत्र?
स्वतंत्र रंजन बताते हैं कि उन्हें यह हेलमेट बनाने की प्रेरणा दो घटनाओं से मिली. पहली घटना में उनके मोहल्ले के पास हुई एक सड़क दुर्घटना में चालक की गलती न होने के बावजूद उस पर आरोप लगा दिए गए और उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. दूसरी घटना में एक व्यक्ति शराब पीकर वाहन चला रहा था और खंभे से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गया. इन घटनाओं ने उन्हें सोचने पर मजबूर किया कि सड़क सुरक्षा के लिए तकनीक के माध्यम से कुछ नया किया जाना चाहिए.