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NFHS-6 Report: इंटरनेट इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या दोगुनी हुई, बैंक खातों तक भी पहुंच बढ़ी

इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 33.3% से बढ़कर 64.3% हो गया है. यानी अब पहले की तुलना में कहीं अधिक महिलाएं ऑनलाइन सेवाओं, जानकारी और डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच बना रही हैं.

इंटरनेट से जुड़ीं ज्यादा महिलाएं इंटरनेट से जुड़ीं ज्यादा महिलाएं
हाइलाइट्स
  • बैंक खाते और मोबाइल तक बढ़ी महिलाओं की पहुंच

  • इंटरनेट इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या दोगुनी हुई

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 (NFHS-6) की रिपोर्ट जारी कर दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक देश में महिलाओं के डिजिटल सशक्तिकरण और आर्थिक भागीदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. इंटरनेट इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है, जबकि खुद के बैंक खाते और मोबाइल फोन का उपयोग करने वाली महिलाओं का प्रतिशत भी तेजी से बढ़ा है. रिपोर्ट इसे महिलाओं की बढ़ती स्वतंत्रता और फैसले लेने की क्षमता से जोड़कर देखती है.

महिलाओं की इंटरनेट तक पहुंच बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 33.3% से बढ़कर 64.3% हो गया है. यानी अब पहले की तुलना में कहीं अधिक महिलाएं ऑनलाइन सेवाओं, जानकारी और डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच बना रही हैं.

इसी तरह खुद के इस्तेमाल के लिए मोबाइल फोन रखने वाली महिलाओं की संख्या भी बढ़ी है. 2019-21 में यह आंकड़ा 53.9% था, जो 2023-24 में बढ़कर 63.6% हो गया. विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल पहुंच बढ़ने से महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं की जानकारी हासिल करने में मदद मिल रही है.

बैंक खातों के इस्तेमाल में भी बढ़ोतरी
सर्वे में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी से जुड़े आंकड़े भी उत्साहजनक हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, खुद बैंक या बचत खाते का उपयोग करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 78.6% से बढ़कर 89% हो गया है.

जनधन योजना, डिजिटल बैंकिंग और सरकारी योजनाओं के सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT) जैसी पहलों को इसके पीछे बड़ी वजह माना जा रहा है. इससे महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता मजबूत हुई है और वे अपने आर्थिक फैसले खुद लेने की स्थिति में पहुंच रही हैं. रिपोर्ट से साफ है कि डिजिटल इंडिया और वित्तीय समावेशन जैसी पहलों का असर अब देश की महिलाओं के जीवन में साफ दिखाई देने लगा है. इंटरनेट, मोबाइल फोन और बैंकिंग सेवाओं तक बढ़ती पहुंच महिलाओं को नए अवसरों से जोड़ रही है और उन्हें पहले से अधिक सशक्त बना रही है.

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