एनआईए ने 10 आतंकियों के खिलाफ इनाम किया घोषित
एनआईए ने 10 आतंकियों के खिलाफ इनाम किया घोषित
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को पिछले नवंबर में मणिपुर में असम राइफल्स के एक कर्नल और उसके परिवार की हत्या में शामिल विद्रोहियों की जानकारी देने वालों के लिए 4 लाख से 8 लाख रुपये तक के इनाम की घोषणा की. 13 नवंबर, 2021 के हमले में कथित रूप से शामिल 10 विद्रोही प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और मणिपुर नागा पीपुल्स फ्रंट (एमएनपीएफ) से संबंधित हैं.
इस हमले में 5 जवान शहीद हुए थे जबकि 6 जवान बुरी तरह से जख्मी हो गए थे. इस मामले में का संज्ञान लेते हुए NIA ने अलग से मामला दर्ज किया था. वहीं उन्होंने दो आरोपियों के बारे में जानकारी देने वाले को 8 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है. वहीं अन्य 1 आरोपी पर 6 लाख रुपये व बाकी सात आरोपियों पर चार-चार लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है.
युनिट के सीओ और उनका परिवार भी इस हमले में हुआ था शहीद
ये हमला मणिपुर में 13 नवंबर 2021 को हुआ था. इस हमले में असम रायफल्स के पांच अधिकारियों और कर्मियों की मौत हो गई थी. 46 वीं कंपनी के सीओ और उनका परिवार भी इस हमले में शहीद हुआ था. कर्नल विप्लव त्रिपाठी (सीओ-46 एआर), उनकी पत्नी और उनके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई थी और बाकी घायलों को बेहियांग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ट्रांस्फर कर दिया गया था. इस हमले में आतंकवादी संगठन पीएलएफ और एमएनपीएफ के लोग शामिल थे.
बता दें कि मणिपुर की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का गठन 1978 में हुआ था और यह भारत सरकार द्वारा घोषित एक आतंकी संगठन है. मणिपुर में यह संगठन भारतीय सुरक्षाबलों पर पहले भी हमले करता रहा है.
कौन थे शहीद कर्नल त्रिपाठी?
शहीद कर्नल त्रिपाठी की बात करें तो वे छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के रहने वाले थे. 41 वर्ष के कर्नल त्रिपाठी ने रीवा सैनिक स्कूल से पढ़ाई की थी. उन्हें डिफेंस स्टडी में M.SC. करने के बाद सेना में प्रमोशन मिला था. कर्नल त्रिपाठी के दादा डॉ. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे और उनके छोटे भाई अनिल त्रिपाठी सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं.