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किस कानून से तय होती है न्यूनतम मजदूरी? यूपी सरकार ने कितनी बढ़ाई सैलरी, सबकुछ जानें

उत्तर प्रदेश के नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के बाद यूपी सरकार ने न्यूनतम मजदूरों की सैलरी में बढ़ोतरी की है. सरकार ने गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में अकुशल मजदूरों की सैलरी 11313 रुपए से 13690 रुपए कर दी है. जबकि अर्धकुशल मजदूरों की सैलरी 12445 रुपए से 15059 रुपए कर दी है.

Noida Protest Noida Protest

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर के नोएडा में कंपनियों में काम करने वाले मजदूर सड़क पर उतर गए हैं. मजदूर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान कई जगह हिंसा भी हुई है. इस बीच यूपी की योगी सरकार ने मजदूरों की सैलरी में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. नई सैलरी एक अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएगी. इसके साथ ही सरकार ने एक वेज बोर्ड के जरिए न्यूनतम मजदूरी तय करने की प्रक्रिया शुरू करने की भी बात कही है.

गाजियाबाद-गौतमबुद्धनगर में कितनी बढ़ी सैलरी?
श्रमिकों के असंतोष के बाद यूपी सरकार ने न्यूनतम मजदूरी को लेकर फौरी राहत दी है. नया आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू माना जाएगा. गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर के अकुशल मजदूरों का मासिक सैलरी 11313 रुपए से बढ़ाकर 13690 रुपए कर दी गई है. जबकि अर्धकुशल मजदूरों की सैलरी 12445 रुपए से बढ़कार 15059 रुपए कर दी गई है. जबकि कुशल मजदूरों की सैलरी 13940 रुपए से बढ़ाकर 16868 रुपए की गई है.

निगर निगम वाले जिलों में कितनी बढ़ोतरी?
सरकार ने दूसरे नगर निगम वाले जिलों में भी मजदूरों की सैलरी में बढ़ोतरी की है. अकुशल मजदूरों की सैलरी 11313 रुपए से बढ़ाकर 13006 रुपए की गई है. जबकि अर्धकुशल मजदूरों के लिए 12445 रुपए से बढ़ाकर 14306 रुपए की गई है. इसके साथ ही कुशल मजदूरों की सैलरी 13940 रुपए से 16025 रुपए कर दी गई है.

दूसरे जिलों में भी की गई बढ़ोतरी-
सरकार ने दूसरे जिलों के लिए सैलरी में बढ़ोतरी की है. सरकार ने अकुशल मजदूरों की सैलरी 11313 रुपए से बढ़ाकर 12356 रुपए की है. जबकि अर्धकुशल मजदूरों की सैलरी 12445 रुपए से बढ़ाकर 13591 रुपए हुई है. उधर, कुशल मजदूरों की सैलरी 13940 रुपए से बढ़ाकर 15224 रुपए की गई है.

हरियाणा और दिल्ली में मजदूरी कितनी?
हरिया में अकुशल मजदूरों की सैलरी 15220 रुपए है. जबकि अर्धकुशल मजदूरों की सैलरी 16780 रुपए और कुशल मजदूरों की सैलरी 18500 रुपए है. दिल्ली में भी मजदूरों की सैलरी तय है. दिल्ली में अकुशल मजदूरों की सैलरी 15220 रुपए और अर्धकुशल मजदूरों की सैलरी 16780 रुपए है. जबकि कुशल मजदूरों की सैलरी 18500 रुपए तय है.

मजदूरी दरों के लिए क्या है कानून-
भारत में न्यूनतम मजदूरी दर तय करने के लिए कानून बनाया गया है. न्यूनतम मजदूरी कानून 1948 के प्रावधानों के तहत राज्य सरकारों को न्यूनतम मजदूरी तय करने का अधिकार है. इसके तहत राज्य सरकार हर वित्त वर्ष में 2 बार मजदूरी की न्यूनतम दर घोषित करनी होती है. साल में पहली बार अप्रैल से पहले न्यूनतम दर घोषित होती है. जबकि दूसरी बार अक्तूबर से पहले न्यूनतम मजदूरी घोषित होती है.

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