Nuh Haryana wedding dispute
Nuh Haryana wedding dispute
हरियाणा के नूंह में एक शादी का माहौल अचानक तनाव में बदल गया. एक छोटी सी बात ने इतना बड़ा रूप ले लिया कि खुशी का माहौल झगड़े में बदल गया. यह घटना अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. दरअसल बारात के दौरान हुआ पूरा मामला. जानकारी के मुताबिक, नेहदा गांव निवासी पप्पू पुत्र महबूब कुरैशी के बेटे की बारात गांव अली मेव के लिए निकल रही थी. इसी दौरान लड़के के जीजा नयूम, जो सिंगार गांव के रहने वाले हैं, उन्होंने अपने साले को करीब 25 लाख रुपये की नोटों की माला पहनाई. यह माला ही पूरे विवाद की जड़ बन गई.
दूसरे जीजा की नाराजगी
बताया जा रहा है कि नयूम के साडू, जो उत्तर प्रदेश के हातियाका गांव के निवासी हैं, इस बात से नाराज हो गए. उनका कहना था कि उनकी तरफ से भी माला आ रही है, इसलिए बारात को कुछ समय के लिए रोक दिया जाए. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई. और कहासुनी से पथराव तक बात पहुंच गई.
शुरुआत में मामूली कहासुनी हुई, लेकिन धीरे-धीरे मामला बढ़ता चला गया. देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच झगड़ा शुरू हो गया और बात पथराव तक पहुंच गई. इस दौरान गाली-गलौज भी हुई, जिससे शादी का माहौल पूरी तरह बिगड़ गया. हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस पूरे विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग इस घटना पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कोई इसे दिखावे की परंपरा का नतीजा बता रहा है, तो कोई इसे सामाजिक सोच पर सवाल खड़ा कर रहा है.
पुलिस ने संभाली स्थिति
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया. फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पूरी जानकारी इकट्ठा कर रही है.
इस घटना के बाद इलाके के समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और अधिवक्ताओं ने चिंता जताई है. उनका कहना है कि नोटों की माला पहनाने जैसी परंपरा अब दिखावे और प्रतिस्पर्धा का रूप ले चुकी है, जो कई बार विवाद की वजह बन जाती है. मेवात क्षेत्र में लंबे समय से यह रस्म चली आ रही है, जिसमें लाखों रुपये की मालाएं पहनाई जाती हैं. समाजसेवियों का मानना है कि इस तरह की परंपराओं पर समय रहते नियंत्रण जरूरी है, ताकि खुशी के मौके पर इस तरह के विवाद न हों और समाज में सौहार्द बना रहे.
(रिपोर्ट-कासिम खान)
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