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Odisha Train Accident: बालासोर ट्रेन हादसे के पीड़ितों को जॉब और मुफ्त शिक्षा देगा ये संस्थान

बालासोर ट्रेन हादसे में स्थानीय लोगों ने 1,000 से ज्यादा लोगों की जान बचाई है. हर कोई अपनी योग्यता के अनुसार लोगों को मदद मुहैया करा रहा है.

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ओडिशा ट्रेन हादसे की जांच अब सीबीआई के हाथों में पहुंच गई है. 2 जून को हुए इस हादसे में 288 लोगों की मौत हुई है. हजारों लोग इस हादसे में घायल हुए हैं. सरकार ने पीड़ितों के लिए मुआवजे का एलान किया है. केंद्र सरकार ने मृतकों को 2-2 लाख तो रेलवे ने 10 लाख रुपये के मुआवजे का एलान किया है. रेल मंत्री द्वारा घोषित अनुग्रह राशि- मृत्यु के मामले में 10 लाख रुपये, गंभीर चोटों के लिए 2 लाख रुपये और मामूली चोटों के लिए 50,000 रुपये के मुआवजे का एलान किया गया है.

बालासोर ट्रेन हादसे में स्थानीय लोगों ने 1,000 से ज्यादा लोगों की जान बचाई है. हर कोई अपनी योग्यता के अनुसार लोगों को मदद मुहैया करा रहा है. इस बीच भुबनेश्वर स्थित केआईआईटी (KIIT Deemed University) डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी बालासोर रेल हादसे में ओडिशा के मृतक परिवार के एक सदस्य को रोजगार और बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करेगी.

पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी और शिक्षा

बुधवार को भुवनेश्वर में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इसकी घोषणा करते हुए KIIT & KISS के संस्थापक तथा कंधमाल जिला के लोकसभा सांसद, डॉ. अच्युत सामंत ने कहा, “हम ट्रेन दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवार के सदस्यों का  दुख तो कम नहीं कर सकते हैं, लेकिन हम अपनी तरफ से हर संभव मदद करने की कोशिश करेंगे. हम पीड़ित परिवार के एक सदस्य को उनकी योग्यता के अनुसार KIIT और KISS यूनिवर्सिटी में नौकरी देकर सहायता करने का प्रयास करेंगे, और उनके बच्चों को KIIT और KISS  यूनिवर्सिटी में निःशुल्क शिक्षा प्रदान करेंगे.''
 

भुवनेश्वर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते डॉ अच्युत सामंत

कोविड में भी की लोगों की मदद

इससे पहले कोविड-19 के दौरान, केआईआईटी यूनिवर्सिटी उन सैकड़ों छात्रों की मदद के लिए आगे आया, जिन्होंने महामारी में अपने माता-पिता को खो दिया था. आज भी उन अनाथ बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है. कोविड से पीड़ित परिवार के सदस्यों को विभिन्न माध्यमों से मदद दी गई थी. इस मानवीय भाव को जारी रखते हुए, KIIT ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों की मदद और समर्थन के लिए आगे आया है.