Ganga Expressway
Ganga Expressway
उत्तर प्रदेश को एक और एक्सप्रेसवे का तोहफा मिला है. यह एक्सप्रवे अभी तक का सबसे लंबा एक्सप्रेवे है. गंगा एक्सप्रेवे, जिसकी लंबाई 594 km है, वह 12 जिलों को जोड़ेगा. यह मेरठ से प्रयागराज की दूरी को मात्र 6 घंटे में तय करेंगे. पीएम मोदी ने आज हरदोई ने रैली कर इसका उद्घाटन किया. पीएम मोदी को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा गया. उनके आने से पहले ही माहौल काफी जोशनुमा था, कार्यक्रम में आई भारी भीड़ लगातार मोदी-मोदी के नारे लगा रही थी. लेकिन जब पीएम मोदी के आने में थोड़ी देरी हुई तो भी जो लोगों का जोश था वो ठंडा नहीं पड़ा. और जब पीएम मोदी स्टेज पर पहुंचे तब तो मोदी मोदी के नारे ऐसे लगे कि कोई रुकने का नाम नहीं ले रहा था. सीएम योगी ने जब सम्बोधन शुरू किया तब बीच में उन्हें रोकना भी पड़ा क्योंकि मोदी मोदी के नारे थमने का नाम नहीं ले रहे थे. इस बीच सीएम योगी और पीएम मोदी के चेहरे पर मुस्कुराहट साफ देखी जा सकती थी.
गर्मी काफी ज्यादा थी, लेकिन उसके बाद भी कई ऐसे भी लोग थे जो अपनी कुर्सियां जो कि पीछे थीं उन्हें छोड़कर आगे बढ़ आए थे जिससे पीएम मोदी की एक झलक पा लें. बीच बीच में स्टेज से बोलना भी पड़ा कि लोग पुलिस की बात सुने और अपने स्थान पर बैठें लेकिन यकीन माने सैकड़ों लोगों ने पीएम मोदी का पूरा संबोधन खड़े खड़े ही सुना, इसलिए नहीं कि कुर्सियां नहीं थी बल्कि इसलिए जिससे उन्हें पीएम मोदी की एक झलक मिल पाए. बंगाल के बाद जब नजरें यूपी के चुनाव पर है. ऐसे में पीएम मोदी का यह क्रेज वोटरों के बीच जरूर ही बीजेपी को बढ़त दिलाते दिखता है. हालांकि, विपक्ष भी मजबूती से आगे बढ़ रहा है. ऐसे में मुकाबला दिलचस्प होना साफ है.
प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा गंगा एक्सप्रेसवे
आज उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया गया, जो मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड कॉरिडोर है. यह परियोजना न केवल प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी, बल्कि औद्योगिक निवेश, कृषि विपणन, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी गेमचेंजर साबित होगी. पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से सीधे जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को भी मजबूती प्रदान करेगा.
12 जिलों को सीधी कनेक्टिविटी, यात्रा समय में बड़ी कमी
प्रधानमंत्री आज सुबह 11.15 पर हरदोई पहुंचें और 12.55 पर यहां से वापस लौटे. इस दौरान पीएम गंगा एक्सप्रेसवे का उदघाटन करने के साथ ही यूपीडा की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और साथ ही पौधरोपण करने के अलावा जनसभा समेत अन्य गतिविधियों में हिस्सा लिया. प्रधानमंत्री ने जिस गंगा एक्सप्रेसवे को हरी झंडी दिखाई वह मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है. इस हाई-स्पीड मार्ग के चालू होने से इन क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी. जहां पहले लंबी दूरी तय करने में कई घंटे लगते थे, अब यह सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा. इसके साथ ही, माल परिवहन की लागत में कमी आने से उद्योगों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी.
पीपीपी मॉडल पर आधुनिक निर्माण
गंगा एक्सप्रेसवे को पीपीपी (DBFOT) मॉडल पर विकसित किया गया है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है. इसे फिलहाल 6 लेन में तैयार किया गया है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8 लेन तक विस्तार योग्य बनाया गया है. 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ यह एक्सप्रेसवे तेज और सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा. उच्च गुणवत्ता के निर्माण, चौड़े राइट ऑफ वे और मजबूत सेफ्टी फीचर्स इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करते हैं.
एयरस्ट्रिप, आईटीएमएस और सुरक्षा की अत्याधुनिक व्यवस्था
इस एक्सप्रेसवे की एक खास विशेषता शाहजहांपुर के पास बनाई गई लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं. इसके अलावा, पूरे मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है. वाहनों की गति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा.
औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास का नया केंद्र
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत हैं. इन क्लस्टर्स में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स हब स्थापित किए जाएंगे. सरकार द्वारा दी जा रही कैपिटल सब्सिडी, एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट, स्टाम्प ड्यूटी छूट, पावर इंसेंटिव और पीले टॉप-अप जैसी सुविधाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं. इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आएगा और लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे.
अन्य एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी, बनेगा मजबूत नेटवर्क
गंगा एक्सप्रेसवे को प्रदेश के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे (पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक) से जोड़ा जा रहा है. इससे उत्तर प्रदेश में एक इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होगा, जो देश में सबसे बड़ा होगा. बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि माल ढुलाई तेज और सस्ती हो जाएगी, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति मिलेगी. एक्सप्रेसवे के दोनों ओर कृषि आधारित उद्योग, मंडियां, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस विकसित किए जाएंगे. इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होगा. इसके साथ ही, पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन कम होगा और समग्र विकास सुनिश्चित होगा.
रोजगार सृजन और निवेश का नया अध्याय
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिला है और आगे भी लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे. आईएम आईएमएलसी और औद्योगिक कॉरिडोर के विकसित होने से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों की रुचि बढ़ेगी. यह परियोजना उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकॉनामी की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
पीएम मोदी ने रैली में और क्या कुछ कहा, पॉइंट्स में पढ़िए:
पिछले 4 से 5 दिनों में मैं मां गंगा के सानिध्य में रहा हूं.बंगाल में मां गंगा के दर्शन किए थे, कल तो मैं काशी में था, सुबह बाबा विश्वनाथ और मां गंगा के दर्शन करने का मौका मिला.
अब मां गंगा के नाम पर बने इस एक्सप्रेसवे के लोकार्पण करने का मौका मिला. मुझे खुशी है यूपी सरकार ने इसका नाम गंगा मा के नाम पर रखा है. विकास का विजन और विरासत भी झलकती है.
आज लोकतंत्र के उत्सव का भी एक अहम दिन है. बंगाल में इस समय दूसरे चरण का मतदान हो रहा है और जो खबरे आ रही है उससे पता चलता है बंगाल में भारी मतदान हो रहा है, पहले चरण की तरह जनता वोट देने के लिए घरों से निकल रही है. लंबी लंबी लाइनों की कतारें सोशल मीडिया पर दिखाई पड़ रही है. पिछले कई दशकों में जिसकी कल्पना भी मुश्किल थी वैसे निर्भीक वातारण में इस बार वोटिंग हो रही है. लोग भयमुक्त होकर वोट दे रहे हैं.
यह देश के संविधान और मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है. मै बंगाल की महान जनता का आभार व्यक्त करता हूं कि वह अपने अधिकार के प्रति सजग है. बंगाल की जनता से आग्रह करूंगा कि लोकतंत्र के पर्व में ऐसे ही उत्साह से भाग लें.
कुछ समय पहले बिहार में जब चुनाव हुए तो बीजेपी और NDA ने इतिहास रच दिया था. कल ही गुजरात में महानगरपालिका और नगरपालिक जिला पंचायतें नगर पंचायत तहसील इन सभी चुनावों के नतीजे आए हैं और यूपी वासियों को खुशी होगी 80 से 85 प्रतिशत यह सभी बीजेपी ने जीत ली है.
इन पांच राज्यों के चुनाव ने भी बीजेपी ऐतिहासिक जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है. 4 मई के नतीजे विकसित भारत को मजबूत करेंगे.
5 वर्ष के भीतर ही यह एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गया है. साथ ही इसके विस्तार की योजना पर भी काम शुरू हो गया है. जल्दी ही गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से आगे बढ़कर हरिद्वार तक पहुंचेगा. फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कर इसे अन्य एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा. यह है डबल इंजन.
यूपी की पहचान पहले पलायन से होती थी. यूपी ने पुरानी सियासत को बदला है. पहली यूपी की पहचान गड्ढों से होती थी, पड़ोस के जिलों में जाना भी मुश्किल होता था. पिछली सरकारों ने माफियाओं को हीरो बना दिया था, माफियाओं पर फिल्में बनती थी. जिन सपाइयों की हाथ से सत्ता गई है उन्हें यह खुशी यूपी पसंद नहीं आ रही है. वह एक बार फिर यूपी को तोड़ना चाहती है. सपा विकास विरोधी भी है और नारी विरोधी भी है. कांग्रेस और सपा ने महिला बिल को पास नहीं होने दिया.
2029 लोकसभा से ही महिलाओं को चुनाव में आरक्षण मिलता लेकिन सपा ने इस बिल के खिलाफ वोट किया. इस बिल से सभी राज्यों की सीटें भी बढ़ती. लेकिन यूपी को गाली देकर dmk जैसी पार्टियों को इस बात से आपत्ति थी कि यूपी की सीट कैसे बढ़ेगी और सपा उनके साथ खड़ी हो गई. सपा आपसे वोट लेकर संसद गई और जाकर dmk के साथ खड़ी हो गई. यह पार्टी कभी भी परिवारवाद और जातिवाद के ऊपर नहीं उठ सकती. यूपी को सपा से सावधान रहना होगा.