scorecardresearch

PM Modi SRCC Visit: सभी 'नाराज फूफाओं' को भारत ने जवाब दिया, मैंने लाल किले से होमियोपैथी की गोली दी थी... SRCC के शताब्दी समारोह में और क्या बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में शामिल हुए. पीएम मोदी ने कहा कि यहां से पढ़कर निकले लोग हर तरफ धूम मचा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने शताब्दी समारोह के अवसर पर 100 रुपए का स्मारक सिक्का भी जारी किया. पीएम मोदी ने इस अवसर पर पाकिस्तान से लेकर विपक्ष तक पर हमला बोला.

Advertisement
PM Modi at SRCC's centenary celebrations PM Modi at SRCC's centenary celebrations

दिल्ली स्थित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) अपनी सौवीं वर्षगांठ मना रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम को SRCC के शताब्दी समारोह में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि यहां से पढ़कर निकले लोग हर तरफ धूम मचा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने जेन जी को कनेक्ट करते हुए कहा कि आपकी भाषा में कहूं तो यहां पढ़ने वाले ओजी रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने शताब्दी समारोह के अवसर पर 100 रुपये का स्मारक सिक्का भी जारी किया. पीएम मोदी ने इस अवसर पर पाकिस्तान से लेकर विपक्ष तक पर हमला बोला. इस दौरान प्रधानमंत्री ने आतंकवाद पर भी निशाना साधा. श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि आज आतंकवाद फैलाने वाले बैकफुट पर हैं. आतंकवाद फैलाने वाले पस्त पड़े हैं. उन्होंने कहा कि आज अगर पाकिस्तान नापाक हरकत करता है तो सेना घुसकर मारती है. उन्होंने कहा कि आज नक्सलवाद की कमर तोड़ दी गई है. 

मैंने लाल किले से होमियोपैथी की गोली दी थी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SRCC में विपक्ष और वामपंथी विचारधारा पर निशाना साधते हुए कहा, “मैंने लाल किले से एक तरह की होम्योपैथी गोली दी थी. यह दवा बीमारी को कुछ समय के लिए उभार देती है ताकि इलाज शुरू हो सके.” पीएम ने कहा कि इस बयान के बाद ही सभी दिमागी नक्सल खुलकर सामने आ गए और अब दुनिया उनका असली रूप देख रही है.

'सभी नाराज फूफाओं को भारत ने जवाब दिया'
पीएम मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा- 'इस कैंपस से बाहर निकलने के बाद आपका सामना एक नई दुनिया से होगा. वहां आपको दो तरह के लोग मिलेंगे. एक वे लोग होंगे, जो समाज की शक्ति को सकारात्मक रूप से राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं. दूसरी तरह के वे लोग होंगे, जो कोई भी काम शुरू होते ही ‘नाराज फूफा’ बन जाते हैं. उनका पसंदीदा काम हर चीज का विरोध करना है.

उनका एक ही डायलॉग होता है ‘इसकी क्या जरूरत है?' उन्होंने कहा, 'जब हम दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बना रहे थे, तब ‘फूफा’ ने कहा- इसकी क्या जरूरत है? जब हमने हाई-स्पीड ट्रेन पर काम शुरू किया, तब फिर ‘फूफा’ ने कहा, इसकी क्या जरूरत है? जब हमने UPI शुरू किया, तो इन्हीं ‘फूफाओं’ ने पूछा, UPI की क्या जरूरत है? जब हमने संसद की नई इमारत बनाई, तब भी उन्होंने कहा- इसकी क्या जरूरत है?' पीएम मोदी ने कहा, 'हमने देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने और सर्वोच्च बलिदान देने वाले हमारे वीर सैनिकों के लिए स्मारक बनाया, तो ‘फूफा’ फिर मैदान में आ गए और पूछने लगे- इसकी क्या जरूरत थी? लेकिन भारत ने इन सभी ‘फूफाओं’ को जवाब दिया है. देश के लिए जो जरूरी है, उसे करने से भारत को कोई नहीं रोक सकता.'

गिलास आधा भरा या खाली... मोदी ने बताया था तीसरा रास्ता
पीएम मोदी इससे पहले 6 फरवरी, 2013 में SRCC कॉलेज में छात्रों को संबोधित किया था, उस समय वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे. साढ़े 13 साल के बाद फिर वे युवाओं से मुखातिब हुए. पीएम मोदी ने उस भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय लोगों ने उम्मीद की थी कि वह सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा देंगे, लेकिन उन्होंने इस मंच का उपयोग नहीं किया.

उन्होंने कहा कि मैंने विजन रखा. सकारात्मक बातें रखीं. 2013 के भाषण में मोदी ने पानी से भरे गिलास का उदाहरण देकर अपनी सोच समझाई थी. उन्होंने कहा था कि आशावादी व्यक्ति गिलास को आधा भरा और निराशावादी व्यक्ति आधा खाली देखता है लेकिन उन्होंने खुद को इन दोनों से अलग बताते हुए गिलास को देखने का एक तीसरा तरीका बताया था. उनका कहना था कि गिलास आधा पानी और आधा हवा से भरा है. यह उदाहरण उनकी उस सोच को दिखाता था, जिसमें किसी स्थिति को केवल सकारात्मक या नकारात्मक नजरिए से देखने के बजाय एक अलग संभावना तलाशने पर जोर था.

सच के हुंकार के आगे झूठ नहीं टिक पाएगी
पीएम मोदी ने कहा कि माई, बाप कल्चर दशकों तक चला. मोदी माई-बाप कल्चर वालों के सामने चट्टान की तरह खड़ा है. पुरानी कहावत है, साच को आच नहीं. मुझमें हिम्मत है. इसलिए पुरानी बात कह रहा हूं. सच के हुंकार के आगे झूठ नहीं टिक पाएगी.